मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर को दी 421 करोड़ की विकास सौगात, 457 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर दौरे पर 421 करोड़ रुपये के 457 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जल, बिजली, सड़क, रोजगार और उद्योग क्षेत्र की योजनाओं पर सरकार ने रखी बड़ी बात।

Update: 2026-08-03 09:30 GMT

तस्वीर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उदयपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान मंच से संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं।

उदयपुर/जयपुर, 02 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उदयपुर जिले को 421 करोड़ रुपये की लागत वाले 457 विकास कार्यों की सौगात दी। नगर निगम सभागार में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 21 प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 373 करोड़ रुपये से अधिक की 436 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के विकास का रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार और सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, जिससे आमजन, किसानों और उद्योगों को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन से शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौता संभव हो पाया है। इसी तरह उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए देवास परियोजना के कार्यों को भी गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ 2.24 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। अब तक 26 जिलों में दिन के समय बिजली आपूर्ति की जा रही है और विभिन्न क्षमताओं के नए जीएसएस स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया। इसमें हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार के मुद्दे पर कहा कि सरकारी क्षेत्र में 4 लाख नौकरियां देने के वादे को पूरा करने की दिशा में अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। वहीं, 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक कुल 3 लाख 80 हजार पदों पर भर्तियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रदेश में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई हैं। निजी क्षेत्र में भी युवाओं के लिए साढ़े चार लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने उदयपुर को झीलों की नगरी बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र शक्ति और भक्ति की भूमि भी है। राजसमंद, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध जिले हैं और इनके विकास के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि उदयपुर जिले में जनता को समर्पित की गई प्रमुख परियोजनाओं में 7 करोड़ रुपये की लागत से आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज में आधुनिक कैथ लैब, पौने पांच करोड़ रुपये से उदयपुर शहर में 75 बेड का बुजुर्गों के लिए पुनर्वास गृह, 4 करोड़ रुपये से अधिक लागत से फलासियां में राजकीय कन्या महाविद्यालय भवन, 2 करोड़ 80 लाख रुपये से कानोड़ में राजकीय सावित्री बाई फूले अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, 2 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक लागत से सविना में आर.सी.सी. नाले का निर्माण और करीब डेढ़ करोड़ रुपये से वल्लभनगर के दरौली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

इसके अलावा 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तितरड़ी के नए बस स्टैंड के लिए सड़क निर्माण, 2 करोड़ 31 लाख रुपये से भुवाणा, वल्लभनगर और मावली में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन, करीब डेढ़ करोड़ रुपये से महाराणा प्रताप खेलगांव में लेक्रोस खेल मैदान, बोहरा गणेश जी आयड़ में ओपन पार्किंग और अमरख जी महादेव मंदिर मार्ग का लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उदयपुर के बुनियादी ढांचे और विकास को गति देने के लिए 373 करोड़ रुपये से अधिक की 436 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इसमें 121 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा भूपाल चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु विंग, 75 करोड़ रुपये से अधिक राशि से भुवाणा क्षेत्र में आधुनिक सीवरेज सिस्टम, करीब 51 करोड़ रुपये से जिला चिकित्सालय भींडर भवन निर्माण और 5 करोड़ 75 लाख रुपये से फतहनगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण शामिल है।

उन्होंने कहा कि साढ़े चार करोड़ रुपये से गोगुंदा में राजकीय जनजाति बालक आश्रम छात्रावास भवन, साढ़े चार करोड़ रुपये से पुलिस लाइन उदयपुर में अधिकारियों के लिए 12 आवासीय भवन, 3 करोड़ 80 लाख रुपये से झाडोल के ढीमड़ी क्षेत्र में राजकीय जनजाति बालक आश्रम छात्रावास, करीब 3 करोड़ 67 लाख रुपये से सुखेर में सर्विस रोड और 6 करोड़ रुपये से अधिक राशि से बनास नदी पर गोगुंदा के पानेर और केलथरा मार्ग पर सबमर्शिबल पुलिया का शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि साढ़े पांच करोड़ रुपये से खेलगांव उदयपुर में जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास और डबोक में बालक आश्रम छात्रावास, 2 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से गोगुंदा के बोमरचा में बनास नदी पर सबमर्शिबल पुलिया निर्माण तथा खेरोदा, झाड़ोल और सायरा में 2-2 करोड़ रुपये के अटल प्रगति पथ निर्माण की नींव रखी गई है। इसके साथ ही जिले के विभिन्न स्कूलों में शेड, डोम एवं सोलर पनघट और बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, सिंचाई, शहरी एवं पर्यटन सुविधाओं से जुड़े कार्यों की आधारशिला रखी गई।

मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़क विकास की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने 34 हजार 128 करोड़ रुपये से 49 हजार 197 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया है। प्रदेश में 2 हजार 750 किलोमीटर लंबे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 18 हजार 67 किलोमीटर नई सड़कें बनाई गई हैं और 1 हजार 758 गांवों को पहली बार डामर सड़क से जोड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कें बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार 286 किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार कृषि, सहकारिता और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए मजबूत फैसले ले रही है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के माध्यम से गांवों और शहरी वार्डों के विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस डेयरी के दूध संकलन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। सहकारिता से समृद्धि के लिए गांवों में नए सदस्यों को पैक्स से जोड़ा गया है।

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि धरातल पर तेजी से काम होने से गांव-गांव में विकास हो रहा है।

राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में विकास कार्य हो रहे हैं। विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल से लेकर सिंचाई तक पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

इस अवसर पर सांसद मन्नालाल रावत, चुन्नीलाल गरासिया, विधायक फूलसिंह मीणा, प्रताप लाल भील, उदय लाल डांगी, ताराचन्द जैन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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