मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजसमंद को दी 491 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजसमंद में 491 करोड़ रुपये की 347 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जानिए किसानों, युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत विकास से जुड़ी बड़ी घोषणाएं।

Update: 2026-08-03 09:27 GMT

तस्वीर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजसमंद में आयोजित समारोह के दौरान मंच पर माइक से संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं।

राजसमंद/जयपुर, 02 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राजसमंद दौरे के दौरान जिले को 491 करोड़ रुपये से अधिक की 347 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। भिक्षु निलयम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 369 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 266 कार्यों का लोकार्पण और 122 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 81 कार्यों का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान, महिला, मजदूर और युवा कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनाथजी की आस्था और महाराणा प्रताप की शौर्य धरा पर इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से विकास गाथा में नया अध्याय जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार योजनाओं को धरातल पर उतार रही है।

मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के आर्थिक सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है। किसानों को बिजली बिलों में लगभग 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से अन्नदाता अब ऊर्जादाता के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है और दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के माध्यम से 23 लाख से अधिक बीमा पॉलिसी की गई हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक एवं उन्नत खेती अपनाने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा से लेकर रोजगार तक युवाओं के लिए अवसरों की राह प्रशस्त की है। पेपरलीक और अन्य अनियमितताओं के मामलों में 569 लोगों को गिरफ्तार कर दोषियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि ढाई वर्षों में 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के आयोजित हुई हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के सरकारी नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए 1 लाख 78 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गई हैं, जबकि 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा नौकरी लेने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने, इसके लिए राजस्थान युवा नीति लाई गई है, जिसके माध्यम से स्टार्टअप, उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से निजी क्षेत्र में भी साढ़े चार लाख रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में इन क्षेत्रों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को निशुल्क पुस्तक और ड्रेस उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, 14 लाख बालिकाओं को साइकिलें और 46 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को सप्ताह में 5 दिन दूध पिलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के माध्यम से स्वस्थ राजस्थान का संकल्प साकार हो रहा है। मा वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा के लिए 4 लाख 82 हजार से अधिक कूपन जारी किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 1 हजार 450 रुपये प्रतिमाह की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 लाख 40 हजार से अधिक आवास बनवाए गए हैं। जरूरतमंदों को 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा योजना में 1 करोड़ पात्र व्यक्तियों के नए नाम जोड़े गए हैं। वहीं, 18 लाख महिलाओं को लखपति दीदी श्रेणी में लाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को इलेक्ट्रॉनिक मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ चैक, राजीविका एसएचजी की महिलाओं को ऋण चैक और कोविड-19 में अनाथ हुए लोगों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरित किए।

समारोह में विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, दीप्ति किरण माहेश्वरी, विश्वराज सिंह मेवाड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

राजसमंद जिले में लोकार्पित विकास कार्यों में कुंभलगढ़ के ओलादर चौराहा से चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा चौराहा तक 64 करोड़ रुपये से अधिक लागत के सड़क सुदृढ़ीकरण और चौड़ाईकरण कार्य, दरीबा में 46 करोड़ रुपये से अधिक लागत से तैयार 220 केवी जीएसएस, नाथद्वारा में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से नवीन दुग्ध प्रसंस्करण इकाई, करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से नाथद्वारा में खेल स्टेडियम और विभिन्न सड़कों से जुड़े 52 कार्य शामिल हैं।

इसके अलावा 34 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण से जुड़े 38 कार्य, करीब 31 करोड़ रुपये की लागत से भीम में खेल स्टेडियम और विभिन्न सड़कों से जुड़े 49 कार्य, 23 करोड़ रुपये से अधिक लागत से कुंभलगढ़ में विभिन्न सड़क कार्य, 21 करोड़ रुपये की लागत से भीम में 50 बेडेड मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई, 17 करोड़ रुपये से अधिक लागत से राजसमंद, कुंभलगढ़ और नाथद्वारा में 49 पेयजल परियोजनाओं के कार्य, करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से राजसमंद, कुंभलगढ़, भीम और नाथद्वारा के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सुविधा संबंधी 35 कार्य, देवगढ़ में एफएसटीपी प्लांट निर्माण और नाथद्वारा में पशुपालक प्रशिक्षण संस्थान का लोकार्पण किया गया।

शिलान्यास किए गए कार्यों में राजसमंद, भीम, कुंभलगढ़ और नाथद्वारा में 47 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न सड़क एवं विद्यालय सुविधा संबंधी 59 कार्य, राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की लागत के 37 सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।

इसके साथ ही कुंभलगढ़ क्षेत्र में बेड़च का नाका बांध के सर्वे कार्य, डीपीआर तैयार करने और ग्रामीण जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन का शुभारंभ किया गया। ताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन निर्माण, खारी फीडर नहर निर्माण, गांवों में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पेयजल पहुंचाने, ओपनवेल, वेस्ट मैनेजमेंट, एसटीपी प्लांट, बांध, एनिकट और नहरों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा विद्यालय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत से जुड़े विभिन्न कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री के राजसमंद दौरे के दौरान शुरू की गई इन विकास परियोजनाओं से जिले में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा और कृषि-पशुपालन क्षेत्र से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

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