महिला सुरक्षा संकल्प अभियान से राजस्थान में जागरूकता की लहर, हर जिले में निकली रैलियां
राजस्थान में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत सभी जिलों में जागरूकता रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। SP स्तर के अधिकारियों ने महिला बीट प्रभारियों व कालिका पेट्रोलिंग टीम से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा की।
तस्वीर में महिला पुलिसकर्मी और अधिकारी राजस्थान में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत निकाली जा रही बाइक रैली को हरी झंडी दिखाते नजर आ रहे हैं।
राजस्थान में महिला सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे "महिला सुरक्षा संकल्प" अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस अभियान के माध्यम से जागरूकता रैलियों, संवाद कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए महिला सुरक्षा का संदेश लाखों नागरिकों तक पहुंचाया गया।
अभियान के तहत जिला पुलिस अधीक्षकों ने महिला पुलिसकर्मियों, महिला बीट प्रभारियों और 'कालिका पेट्रोलिंग टीम' के साथ संवाद किया। इस दौरान महिला सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अनुभवों, चुनौतियों और सुझावों पर चर्चा की गई। महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी लिए गए।
इसके बाद प्रदेशभर में जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया, जिनमें स्कूली छात्र-छात्राओं, सुरक्षा सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, राजीविका समूह की महिलाओं, एएनएम, आशा सहयोगिनी, साथिन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
रैलियों में शामिल प्रतिभागियों ने महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां और बैनर लेकर मुख्य बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर आमजन को जागरूक किया। कई जिलों में पैदल रैलियां निकाली गईं, जबकि कई स्थानों पर वाहन रैलियों के माध्यम से जनसंपर्क किया गया।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि "महिला सुरक्षा संकल्प" अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण मजबूत करना है। राजस्थान पुलिस जनसहभागिता के माध्यम से महिला सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने के लिए लगातार प्रभावी गतिविधियां आयोजित कर रही है।
महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों ने प्रदेशभर में महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया, जिसमें पुलिस अधिकारियों, महिला पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने मिलकर जागरूकता का अभियान आगे बढ़ाया।