राजस्थान पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीक से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कोटा में तीन दिवसीय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा आधारित स्मार्ट पुलिसिंग’ प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 अगस्त 2026 तक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा में आयोजित किया जा रहा है। कोटा शहर पुलिस की पहल और IIIT कोटा के तकनीकी सहयोग से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटा शहर और कोटा रेंज के विभिन्न जिलों से 75 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, OSINT और उभरती डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में अपराध अनुसंधान, डिजिटल इंटेलिजेंस और साइबर जांच में AI के प्रभावी उपयोग पर विशेष फोकस किया गया है। पुलिसकर्मियों के तकनीकी कौशल को विकसित करने के लिए वास्तविक पुलिसिंग परिस्थितियों पर आधारित प्रैक्टिकल एक्सरसाइज और सिमुलेशन भी कराए जा रहे हैं।

महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह के तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य तकनीक, नवाचार और स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए डिजिटल चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना और आमजन को अधिक सुरक्षित व प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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