कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा से स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगी नई धार, DGP ने किया प्रशिक्षण का शुभारंभ
कोटा में AI और साइबर सुरक्षा आधारित स्मार्ट पुलिसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। DGP राजीव कुमार शर्मा ने शुभारंभ किया। 17 से 19 अगस्त तक चलने वाले प्रशिक्षण में 75 पुलिसकर्मी AI, OSINT और साइबर जांच सीखेंगे।
तस्वीर में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा कोटा में आयोजित स्मार्ट पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते और मंच से संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 17 अगस्त। पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने और साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में कोटा में तीन दिवसीय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा आधारित स्मार्ट पुलिसिंग’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को किया गया। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने किया।
कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम की पहल पर तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा के तकनीकी सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री विशाल बंसल, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री कुँवर राष्ट्रदीप सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कोर्स समन्वयक प्रोफेसर ज्ञान सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कोटा शहर पुलिस की ओर से पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने तथा साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला गया। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण कोर्स की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कोर्स आयोजित करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, ओएसआईएनटी (OSINT) तथा अन्य उभरती डिजिटल तकनीकों के संबंध में व्यावहारिक दक्षता बढ़ाना है। इसके माध्यम से अपराध अनुसंधान, डिजिटल इंटेलिजेंस, साइबर जांच तथा दैनिक पुलिसिंग में इन तकनीकों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान व्यावहारिक अभ्यास और सिमुलेशन के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों, साइबर जांच, OSINT और स्मार्ट पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोर्स में कोटा शहर और कोटा रेंज के अन्य जिलों से कुल 75 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में वास्तविक पुलिसिंग परिदृश्यों के अनुरूप तकनीकी ज्ञान और कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
पुलिसिंग में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, पुलिस बल को भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करने तथा नागरिकों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण कदम है।