चार नए केंद्रीय सहकारी बैंकों की घोषणा, 19 साल बाद राजस्थान में एक साथ होगा गठन
अलवर में अमित शाह ने राजस्थान के फलोदी, बालोतरा, कुचामन डीडवाना और प्रतापगढ़ में चार नए केंद्रीय सहकारी बैंक शुरू करने की घोषणा की। 19 साल बाद एक साथ चार बैंकों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
तस्वीर में बाईं ओर शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा और दाईं ओर अन्य अधिकारी एक बैठक में नजर आ रहे हैं।
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अलवर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार समारोह में राजस्थान के फलोदी, बालोतरा, कुचामन डीडवाना एवं प्रतापगढ़ जिलों में नए केंद्रीय सहकारी बैंक प्रारंभ किए जाने की घोषणा की। प्रदेश में लगभग 19 वर्ष के अंतराल के बाद पहली बार एक साथ चार केंद्रीय सहकारी बैंक बनने जा रहे हैं।
राज्य के सहकारिता मंत्री श्री गौतम दत्त ने बताया कि राजस्थान के कुल 41 जिलों में वर्तमान में 29 केंद्रीय सहकारी बैंक कार्यरत हैं। शेष 12 जिलों का सर्वे करवाया गया था। सर्वे के दौरान फलोदी, बालोतरा, कुचामन डीडवाना एवं प्रतापगढ़ में केंद्रीय सहकारी बैंक प्रारंभ किए जाने की सकारात्मक रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसी रिपोर्ट के आधार पर श्री अमित शाह द्वारा इन चार जिलों में नए केंद्रीय सहकारी बैंक प्रारंभ किए जाने की घोषणा की गई।
शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने बताया कि लंबे समय से देश में नए केंद्रीय सहकारी बैंक प्रारंभ किए जाने की भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमति नहीं दी गई है। राजस्थान में वर्ष 2006-07 में दौसा, बारां एवं हनुमानगढ़ जिलों में अंतिम तीन केंद्रीय सहकारी बैंकों का गठन हुआ था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 19 वर्ष के उपरांत पहली बार एक साथ चार केंद्रीय सहकारी बैंक बनने जा रहे हैं। प्रदेश की सहकारिता के इतिहास में चार नए केंद्रीय सहकारी बैंकों के निर्माण की घोषणा को ऐतिहासिक घटना एवं मील का पत्थर बताया गया है।
राज्य सरकार द्वारा एक साथ चार केंद्रीय सहकारी बैंक प्रारंभ करने की सैद्धांतिक सहमति के उपरांत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अलवर से इसकी घोषणा की। इस अवसर पर श्री रणजीत सिंह चुंडावत, प्रबंध निदेशक, शीर्ष सहकारी बैंक एवं मुख्य नोडल अधिकारी के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
राज्य सरकार शीघ्र ही इन बैंकों के लिए सहकारी समिति का गठन करेगी और भारतीय रिजर्व बैंक को नाबार्ड के माध्यम से विधिवत आवेदन प्रेषित करेगी। इसके साथ ही राजस्थान में लंबे अंतराल के बाद चार नए केंद्रीय सहकारी बैंकों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।