राजस्थान में युवा मतदाताओं के 100% पंजीकरण का लक्ष्य, अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन Mahajan के निर्देश पर शैक्षणिक संस्थानों व अनाथालयों में लगेंगे विशेष शिविर, SSR-2027 से भी जुड़ेगा अभियान।
राजस्थान में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत संचालित इस विशेष अभियान में अब कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान नवीन महाजन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अभियान सर्वोच्च प्राथमिकता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक पात्र युवा का चिन्हीकरण कर उसका मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र युवाओं का संस्थानवार विवरण जुटाकर उनके मतदाता पंजीकरण की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित शिक्षा अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की जन्मतिथि सहित सूची प्राप्त करने तथा मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं कराने वाले पात्र युवाओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीकरण से शेष पात्र विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त करने के लिए संबंधित विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्र विद्यार्थियों का विवरण संकलित कर उनका मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान से पात्र युवाओं की कुल संख्या, मतदाता सूची में पंजीकृत युवाओं की संख्या, अग्रिम पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या और पंजीकरण से शेष युवाओं का विवरण जुटाया जाएगा। प्रत्येक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को संस्थानवार और विधानसभा क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पंजीकरण का लक्ष्य, विशेष शिविरों का कार्यक्रम, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों का विवरण और दैनिक प्रगति की समीक्षा एवं निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने, सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और आगामी एक सप्ताह में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस विशेष अभियान में औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर रह गए निराश्रित और वंचित वर्ग के युवाओं को भी शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि ऐसे पात्र युवाओं तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जो किसी औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नहीं हैं। इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पत्र लिखकर विगत तीन वर्षों में निराश्रित आश्रय गृहों और अनाथ आश्रमों में पले-बढ़े युवाओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस सूची के आधार पर पात्र युवाओं की पहचान कर उनका मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी युवा अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
युवा मतदाताओं के पंजीकरण अभियान को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 (SSR-2027) के साथ भी समन्वित किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2027 के संदर्भ में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर, 2026 को और अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी, 2027 को किया जाएगा। इसके अलावा आगामी अर्हता तिथियों 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर, 2027 के लिए भी अग्रिम पंजीकरण आवेदन प्राप्त किए जा सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत पर्यवेक्षण में अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के माध्यम से 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं, प्रथम बार मतदाताओं और शिक्षा व्यवस्था से बाहर रह गए वंचित युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए मतदाता सूची में उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।