राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग: ग्रासरूट नवाचारों के लिए आवेदन शुरू
सचिव आरूषि मलिक के अनुसार विभागीय वेबसाइट पर नवप्रवर्तकों, किसानों और स्टार्टअप्स के अनूठे आविष्कारों को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए मंच दिया जाएगा।
राजस्थान के कोने-कोने में छिपी अद्भुत प्रतिभाओं और उनके जमीनी स्तर के नवाचारों (ग्रासरूट इनोवेशन) को अब एक नया और सशक्त मंच मिलने जा रहा है। राज्य में स्थानीय स्तर पर हो रहे अनूठे आविष्कारों की खोज करने, उन्हें प्रलेखित करने और बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नवाचार आमंत्रण की एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया का शंखनाद कर दिया है। विभाग की इस दूरदर्शी पहल का मुख्य ध्येय स्थानीय स्तर की जटिल समस्याओं के प्रभावी और सटीक समाधान तलाशना, आजीविका संवर्धन को बल देना, सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करना तथा समाज के समग्र कल्याण में क्रांतिकारी योगदान देने वाले नवाचारों को न केवल पहचान दिलाना है, बल्कि उन्हें व्यापक स्तर पर बढ़ावा देकर मुख्यधारा में लाना है।
इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राज्यभर के ऐसे नवप्रवर्तकों, ऊर्जावान विद्यार्थियों, प्रगतिशील किसानों, दूरदर्शी स्टार्टअप्स, समर्पित स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ), आम नागरिकों और सामुदायिक संगठनों से अपने अनूठे नवाचारों को साझा करने का पुरजोर आग्रह किया है, जिन्होंने अपने स्तर पर किसी अभिनव समाधान, उन्नत तकनीक, उपयोगी उत्पाद, नई प्रक्रिया अथवा सर्वोत्तम कार्य-पद्धति का सफलतापूर्वक विकास किया हो और जो आने वाले समय में समाज व राष्ट्र के लिए बेहद उपयोगी और कल्याणकारी सिद्ध हो सकती हो।
विभाग की सचिव आरूषि मलिक ने इस पहल की महत्ता को रेखांकित करते हुए आधिकारिक तौर पर बताया कि जमीनी स्तर पर विकसित होने वाले यह स्वदेशी नवाचार न केवल स्थानीय चुनौतियों का धरातल पर सटीक समाधान प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की रफ्तार को तेज करने में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने दृढ़ता से दोहराया कि विभाग ऐसे तमाम व्यावहारिक एवं जमीनी नवाचारों को एक उपयुक्त एवं वैश्विक मंच उपलब्ध कराने तथा उन्हें हर संभव तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अनूठी मुहिम का हिस्सा बनने के इच्छुक सभी प्रतिभागी अपने नवाचार का संपूर्ण और विस्तृत विवरण विभागीय वेबसाइट https://www.dst.rajasthan.gov.in पर जाकर विभाग द्वारा विशेष रूप से उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आवेदन प्रपत्र के माध्यम से पूरी शुद्धता के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं। यह पहल निश्चित रूप से राजस्थान के विकास खंड में एक नया अध्याय जोड़ेगी।