प्रतापगढ़ पुलिस: तस्कर नारायणलाल की 70 लाख की संपत्ति फ्रीज
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत एनडीपीएस एक्ट में पहली बार किसी कूरियर की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई, तस्कर के मकान और कार को किया गया सीज।
राजस्थान में नशा तस्करों और अपराधियों के विरुद्ध राज्य सरकार के निर्देशानुसार जारी अभियानों की श्रृंखला में प्रतापगढ़ पुलिस ने एक ऐतिहासिक कार्यवाही को अंजाम दिया है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के नेतृत्व में संचालित 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत नशे की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध निरंतर प्रहार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस ने तस्कर नारायण लाल की अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित करीब 70 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। जिले में पहली बार एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत किसी कूरियर की संपत्ति को फ्रीज करने की यह अभूतपूर्व कार्यवाही की गई है।
बीती 21 फरवरी 2026 को नाकाबंदी के दौरान अरनोद पुलिस ने फरेडी निवासी 48 वर्षीय नारायण लाल मीणा को मोटरसाइकिल पर पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउन शुगर और 1 किलो 723.2 ग्राम ब्राउन शुगर में मिलाने वाला केमिकल जब्त किया गया था। अरनोद थाने में दर्ज प्रकरण के बाद जब पुलिस ने आरोपी की वित्तीय जांच की, तो उसकी बेनामी संपत्ति का व्यापक जाल सामने आया। जांच में स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त ने एमडी, ब्राउन शुगर और डोडाचूरा की तस्करी से प्राप्त काली कमाई से गांव फरेडी में 60 लाख रुपये बाजार मूल्य का आलीशान मकान और 10 लाख रुपये मूल्य की महिन्द्रा टीयूवी कार अर्जित की थी।
अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने त्वरित विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए आरोपी की संपत्ति को फ्रीज करने का ठोस प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार की अधिकृत कंपिटेन्ट अथॉरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (FOP) एण्ड एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को प्रेषित किया था, जिसे सक्षम प्राधिकारी ने तत्काल स्वीकार कर लिया। शुक्रवार, 05 जून को सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली द्वारा फ्रीजिंग के आधिकारिक नोटिस जारी किए जाते ही अरनोद थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फ्रीज की गई संपत्तियों पर विभाग की ओर से जब्ती के बोर्ड चस्पा कर दिए हैं और संबंधित विभागों को अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में मुख्य सप्लायर उस्मान खान पठान के विरुद्ध प्रतापगढ़ पुलिस पहले ही एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर चुकी है। पुलिस ने उसकी माता रूबीना बी और भाई रहमत के नाम पर बनाई गई 2 करोड़ 78 लाख रुपये की संपत्तियों को फ्रीज करवाया था, जिनमें आलीशान मकान, फार्म हाउस, स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर गाड़ी के साथ 5 मारवाड़ी/काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े और 10 मुर्रा नस्ल की भैंसें शामिल थीं। प्रतापगढ़ जिला पुलिस की यह कार्यवाही मादक पदार्थों के तस्करों, उन्हें संरक्षण देने वालों और कमर्शियल मात्रा में अवैध व्यापार करने वाले अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के माध्यम से जिले को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस का यह सख्त अभियान निरंतर जारी रहेगा।