राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने नवाचारों के लिए मांगे आवेदन

सचिव आरूषि मलिक के अनुसार स्थानीय समस्याओं के समाधान और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने वाले जमीनी आविष्कारों को आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगा नया मंच।

Update: 2026-06-05 14:28 GMT

राजस्थान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राज्यभर में मौजूद जमीनी स्तर के नवाचारों को एक नई पहचान देने की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरगामी कदम उठाया है। विभाग ने स्थानीय स्तर पर हो रहे अद्वितीय आविष्कारों और प्रयासों की खोज, प्रलेखन तथा उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नवाचार आमंत्रण की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से प्रारम्भ कर दिया है। इस अभूतपूर्व पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समस्याओं के अत्यंत प्रभावी समाधान तलाशना, आजीविका संवर्धन को गति देना, सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करना तथा समाज के समग्र कल्याण में अमूल्य योगदान देने वाले नवाचारों को न केवल वैश्विक मंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना भी है।

इस महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राज्य के ऐसे तमाम ऊर्जावान व्यक्तियों, नवप्रवर्तकों, प्रगतिशील किसानों, मेधावी विद्यार्थियों, उभरते स्टार्टअप्स, सक्रिय स्वयं सेवी संस्थाओं तथा जागरूक सामुदायिक संगठनों से अपने अनूठे नवाचारों को साझा करने का पुरजोर आग्रह किया है, जिन्होंने अपनी सूझबूझ से किसी अभिनव समाधान, उन्नत तकनीक, उपयोगी उत्पाद, नवीन प्रक्रिया अथवा सर्वोत्तम कार्य-पद्धति का सफलतापूर्वक विकास किया हो, जो समाज के उत्थान के लिए मील का पत्थर सिद्ध हो सकती हो।

विभाग की सचिव आरूषि मलिक ने इस मुहिम के दूरगामी प्रभाव को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर विकसित होने वाले ये नवाचार न केवल स्थानीय चुनौतियों का सटीक समाधान प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य एवं देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की रूपरेखा को बदलने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने दृढ़ता से दोहराया कि विभाग ऐसे दूरदर्शी नवाचारों को उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने तथा उन्हें हर संभव तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक सभी प्रतिभागी अपने नवाचार का संपूर्ण और विस्तृत विवरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.dst.rajasthan.gov.in पर जाकर विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित आवेदन प्रपत्र के माध्यम से सुगमता से प्रस्तुत कर सकते हैं। यह पहल निश्चित रूप से राजस्थान में ग्रामीण और स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त कर राज्य के विकास को एक नई ऊंचाई देगी।

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