रेलवे सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, जीआरपी-आरपीएफ समेत सभी एजेंसियां बढ़ाएंगी समन्वय
राजस्थान में रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जीआरपी, आरपीएफ, आईबी, डीएफसीसी और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। जयपुर में हुई बैठक में वेंडर सत्यापन, सीसीटीवी और सुरक्षा समीक्षा पर चर्चा हुई।
जयपुर, 28 सितंबर। राजस्थान में बढ़ते रेल यातायात और आधुनिक होते रेलवे स्टेशनों के साथ बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जीआरपी, आरपीएफ, आईबी, डीएफसीसी और स्थानीय पुलिस अब अधिक समन्वय के साथ काम करेंगी। रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल के जरिए ट्रैक से स्टेशन तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय में सोमवार को स्टेट लेवल सिक्योरिटी कमेटी फॉर रेलवेज (एसएलएससीआर) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में रेलवे सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) श्री संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि भारतीय रेलवे देश की परिवहन व्यवस्था और अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की सुरक्षा केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था से भी सीधा और अहम संबंध है। राजस्थान में बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन और आवागमन होता है तथा रोजाना लाखों व्यक्ति यात्रा करते हैं। ऐसे में रेलवे परिसरों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस रेलवे सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से हरसंभव प्रयास कर रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जीआरपी, आरपीएफ और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण तथा सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होना चाहिए। ड्रग्स तस्करी, जहरखुरानी, साइबर अपराध, चाइल्ड ट्रैफिकिंग, एससी-एसटी से जुड़े अपराध, भीड़ प्रबंधन, पथराव, ट्रेनों को डिरेल करने के षड्यंत्र और 139 पर दर्ज यात्रियों के सामान चोरी होने के मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों में संयुक्त कार्रवाई की रणनीति बनाकर आगे बढ़ना होगा। इसके साथ ही प्रदेश के रेलवे कॉरिडोर में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए भी समन्वित कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस रेलवेज राजस्थान श्री सुष्मित विश्वास ने कहा कि अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के जरिए स्टेशन सुरक्षा, रेलवे ट्रैक सुरक्षा, आउटपोस्ट सुरक्षा, जीआरपी के लिए स्थान एवं संसाधन, मानव संसाधन, यूनिट अपग्रेडेशन और ट्रेनों की जांच से जुड़े प्रस्तावों पर विचार रखे।
श्री विश्वास ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के रेलवे क्षेत्र में बीएनएस के तहत अपराधों में 25 प्रतिशत और चोरी के मामलों में 35 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, स्पेशल और लोकल एक्ट के तहत की जाने वाली कार्रवाइयों में वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सभी सुरक्षा एजेंसियों के आपसी समन्वय और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग का परिणाम बताया।
बैठक में रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने पर विशेष जोर दिया गया। स्टेशन और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का कवरेज बढ़ाने तथा पार्सल एवं बैग स्कैनर जैसी तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। कई स्टेशनों पर अनधिकृत प्रवेश-निकास के खुले स्थानों को चिन्हित कर बंद करने और अंतरिम सुरक्षा व्यवस्था करने की आवश्यकता बताई गई।
अधिकारियों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय, सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। गृह मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार एजेंडे, संवेदनशील रेलवे, सेक्शन एवं परिसम्पत्तियों के चिन्हीकरण, रक्षा एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के रेल मार्गों को प्राथमिकता देने और संयुक्त सुरक्षा समीक्षा के आयोजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज श्री प्रदीप कुमार गुप्ता, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर श्री ज्योति कुमार सतीजा, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर श्री राजीव कुमार यादव, महानिरीक्षक सह समूह महाप्रबंधक सुरक्षा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, उप महानिरीक्षक पुलिस (राज्य विशेष शाखा) श्री मनीष अग्रवाल, उप निदेशक आसूचना ब्यूरो प्रीति मलिक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल रतलाम श्री अमित प्रकाश मिश्र, पुलिस अधीक्षक जीआरपी अजमेर श्री नरेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक जीआरपी जोधपुर श्री केवल राम सहित अन्य उच्चाधिकारियों ने विचार रखे।