FTIR-IICT साझेदारी से राजस्थान में AVGC-XR शिक्षा और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को मिलेगा विस्तार
जयपुर के FTIR और मुंबई के IICT के बीच रणनीतिक साझेदारी हुई है। AVGC-XR शिक्षा के तहत विशेषीकृत पाठ्यक्रम, प्रमाणन, कार्यशाला, मास्टरक्लास, इंटर्नशिप और करियर कार्यक्रमों से युवाओं को अवसर मिलेंगे।
तस्वीर में FTIR के संस्थापक सोमेंद्र हर्ष और IICT मुंबई के फाउंडिंग डायरेक्टर आशीष कुलकर्णी जयपुर में एक रणनीतिक बैठक के दौरान चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं.
जयपुर, 28 सितंबर 2026। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR), जयपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई ने राजस्थान में एवीजीसी-एक्सआर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality) शिक्षा तथा क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के जरिए राजस्थान के युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक क्रिएटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए विशेषीकृत पाठ्यक्रम, प्रमाणन कार्यक्रम, कार्यशालाएं, मास्टरक्लास, उद्योग संवाद, इंटर्नशिप और करियर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समझौते के बाद FTIR के संस्थापक एवं निदेशक सोमेंद्र हर्ष और IICT, मुंबई के फाउंडिंग डायरेक्टर श्री आशीष कुलकर्णी के बीच रणनीतिक बैठक हुई। बैठक में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों और भविष्य की सहयोगात्मक गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर सोमेंद्र हर्ष ने कहा, “यह साझेदारी राजस्थान की प्रतिभाओं को तेजी से विकसित हो रही क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Learn, Create, Collaborate और Lead के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवाओं के लिए AVGC-XR क्षेत्र में सीखने, नवाचार और करियर के नए अवसर तैयार करना है।”
साझेदारी के तहत राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कहानी कहने की परंपराओं को आधुनिक क्रिएटिव टेक्नोलॉजी से जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। इसके जरिए शिक्षा, प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़े विभिन्न सहयोगात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
FTIR और IICT की ओर से आगामी पाठ्यक्रमों, कार्यशालाओं, मास्टरक्लास और संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जाएगी। यह साझेदारी राजस्थान में एवीजीसी-एक्सआर शिक्षा और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रशिक्षण एवं करियर अवसरों के विस्तार की दिशा में प्रस्तावित संयुक्त गतिविधियों का आधार बनेगी।