राजस्थान में सुरक्षित वातावरण के लिए युवाओं की अहम भूमिका, DGP ने दिए निर्देश
राजस्थान में सुरक्षित वातावरण के लिए DGP राजीव कुमार शर्मा ने यूथ-सीएलजी को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा, नशे की रोकथाम, साइबर सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया।
तस्वीर में बाएं से अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार, बीच में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और दाईं ओर उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप बैठक के दौरान नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 5 सितम्बर। राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य के बीच महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए पुलिस और यूथ-सीएलजी के बीच समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस से जुड़े यूथ-सीएलजी सदस्यों से सीधा संवाद किया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीजीपी श्री शर्मा ने यूथ-सीएलजी को पुलिस और आमजन के बीच प्रभावी कड़ी के रूप में कार्य करते हुए अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, रोड सेफ्टी, महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा तथा नशे के खिलाफ जागरूकता में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। इस दौरान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे।
डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य में यूथ-सीएलजी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए यूथ-सीएलजी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय से काम करना होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदस्यों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए तथा उन्हें अपराध रोकथाम एवं जनसुरक्षा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने यूथ-सीएलजी सदस्यों से अपराध नियंत्रण के लिए अपने सुझाव पुलिस के साथ साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने से स्थानीय स्तर पर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महिला अपराधों की रोकथाम को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। डीजीपी ने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य बालिका एवं महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में पुलिस के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
डीजीपी श्री शर्मा ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए भी यूथ-सीएलजी को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूथ-सीएलजी सदस्य नशे के व्यापार पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी तरह साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी वाई-सीएलजी सदस्य आमजन को जागरूक करने में पुलिस का सार्थक सहयोग कर सकते हैं।
पुलिस द्वारा साझा की जाने वाली उपयोगी एवं जनहितकारी सूचनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में भी यूथ-सीएलजी सदस्यों की प्रभावी भूमिका रहेगी। उनके माध्यम से न केवल जन उपयोगी जानकारियों का प्रसार किया जा सकेगा, बल्कि भ्रामक एवं हानिकारक सूचनाओं की सत्यता भी लोगों तक त्वरित गति से पहुंचाई जा सकेगी।
अतिरिक्त महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 73,184 वाई-सीएलजी सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं। उन्होंने वाई-सीएलजी के सहयोग से किए जा रहे कार्यों की प्रभावशीलता और उनके योगदान की एक माह बाद समीक्षा करने की बात रखी।
महानिदेशक पुलिस ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस और वाई-सीएलजी की संयुक्त एवं सक्रिय भागीदारी से सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को और मजबूत किया जा सकेगा।