प्रोबेशनर IPS अधिकारियों को DGP राजीव कुमार शर्मा का मंत्र, पारदर्शिता से करें पुलिसिंग
DGP राजीव कुमार शर्मा ने जयपुर में प्रोबेशनर IPS अधिकारियों को बदलती पुलिसिंग, नए अपराध और पारदर्शिता पर मार्गदर्शन दिया।
तस्वीर में बाएं से डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और एनपीए के डीआईजी अजीत प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय जयपुर में स्मृति चिन्ह का आदान-प्रदान करते हुए दिख रहे हैं।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय, जयपुर में सोमवार को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA), हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 25 प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने भावी पुलिस नेतृत्व को बदलते अपराध परिदृश्य, आधुनिक पुलिसिंग और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने संवाद के दौरान कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अपराध, ड्रोन ड्रॉपिंग, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा तथा नई पीढ़ी (Gen Z) से जुड़ी सामाजिक चुनौतियां पुलिस के सामने नई जिम्मेदारियां लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुसार अधिकारियों को स्वयं को निरंतर अपडेट रखते हुए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य करना होगा।
डीजीपी ने प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों को राजस्थान पुलिस की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का अध्ययन करने और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और आमजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार निगाह रखते हैं, ऐसे में प्रत्येक निर्णय और कार्रवाई कानूनसम्मत, निष्पक्ष और जवाबदेह होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित नए आपराधिक कानूनों का गहन अध्ययन करने और उनके अनुरूप प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एनपीए के डीआईजी श्री अजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में स्टडी टूर पर पहुंचे आईपीएस अधिकारियों के इस संवाद सत्र में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एम.एन., वीके सिंह, एस सेंगाथिर, संजीव नार्जरी सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों ने आधुनिक पुलिसिंग, नेतृत्व, समन्वय और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। संवाद सत्र में दिए गए संदेशों ने भावी पुलिस नेतृत्व के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक पुलिस व्यवस्था की दिशा को रेखांकित किया।