राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पत्रकारों के लिए विशेष आवास योजना का शुभारंभ करते हुए जयपुर में फ्लैट खरीदने पर 15 लाख रुपये तक की विशेष छूट देने की घोषणा की। राजस्थान आवासन मंडल की विशिष्ट पंजीकरण योजना-2026 के तहत शुरू हुई इस योजना में 2 बीएचके फ्लैट पर 12 लाख रुपये और 3 बीएचके फ्लैट पर 15 लाख रुपये की छूट मिलेगी। राज्य सरकार ने आगे अन्य संभागों में भी आवासीय योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार, 17 अक्टूबर को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ राजस्थान में राजस्थान आवासन मंडल की विशिष्ट पंजीकरण योजना-2026 के तहत पत्रकारों के लिए विशेष आवास योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व, जनजागरण और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण साधना है। अपने पत्रकारिता के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे पत्रकारों की समस्याओं और कठिनाइयों को अच्छी तरह समझते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पत्रकारों के सम्मान, संवेदनशीलता और कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में अधिस्वीकृत पत्रकारों को आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। इसी घोषणा की अनुपालना में जयपुर के इंदिरा गांधी नगर आवासीय योजना के सेक्टर-9, जगतपुरा में पत्रकारों के लिए फ्लैट्स का पंजीकरण शुरू किया गया है। इस बहुमंजिला आवासीय योजना में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि पत्रकारों को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवासीय वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने आवासीय योजना के प्रथम चरण में 3 बीएचके फ्लैट की कुल लागत पर 15 लाख रुपये और 2 बीएचके फ्लैट की कुल लागत पर 12 लाख रुपये की विशेष छूट देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से राजस्थान के अन्य संभागों में भी आवासीय योजनाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही भरतपुर में पूंछरी का लौठा के पास विकसित हो रही सैटेलाइट सिटी में भी नई आवासीय योजना लाई जाएगी।

पत्रकारिता की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मकता से जुड़ी पत्रकारिता ही अपनी सार्थकता सिद्ध करती है। राजस्थान की पत्रकारिता का इतिहास स्वाभिमान और गौरव का साक्षी रहा है। विजय सिंह पथिक और पंडित झाबरमल्ल शर्मा जैसे मनीषियों की परंपरा ने सामाजिक सुधार, जनजागरण और प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राज्य सरकार की ओर से पत्रकारों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में इस दिशा में कई पहल की गई हैं। स्वतंत्र पत्रकारों के अधिस्वीकरण के लिए आयु सीमा और अनुभव में छूट देते हुए न्यूनतम पात्रता आयु 45 वर्ष तथा अनुभव 15 वर्ष निर्धारित किया गया। इससे 31 प्रेस प्रतिनिधि लाभान्वित हुए हैं। अधिस्वीकृत पत्रकारों के बच्चों को प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 43 छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना (आरजेएचएस) के तहत 1 हजार 423 बीमित पत्रकारों के प्रीमियम के रूप में 2 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना के तहत 462 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया है। वहीं, पत्रकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष से 24 अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों को सहायता उपलब्ध कराई गई है। इन योजनाओं के माध्यम से पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार सुशासन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को प्राथमिकता देकर काम कर रही है। प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं जैसे महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय जल समझौतों को धरातल पर उतारा गया है। इससे प्रदेश के करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकैमिकल परियोजना राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नया आयाम देगी। रिफाइनरी से निकलने वाले उत्पादों के आधार पर छोटे और बड़े उद्योग स्थापित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं।

रोजगार और भर्ती प्रक्रिया के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब तक 410 से अधिक परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ बिना पेपरलीक के संपन्न करवा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। इसके अतिरिक्त 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 70 हजार पदों पर भर्ती की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद राजस्थान अब विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। डबल इंजन सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दी है। साथ ही, प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि विकास और विरासत साथ-साथ चलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित कर रही है।

राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश 12 राष्ट्रीय योजनाओं में प्रथम, 10 में द्वितीय और 8 योजनाओं में तृतीय स्थान पर रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सर्वाधिक पॉलिसी जारी करने, पीएम-कुसुम योजना के विभिन्न घटकों, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 में राजस्थान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। धरती आबा जनभागीदारी अभियान में भी राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का दर्जा मिला है।

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर बजट में अधिस्वीकृत पत्रकारों को जयपुर में आवासीय फ्लैट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। इसी कार्ययोजना के तहत फ्लैट्स के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने योजना को शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकार का आभार जताया।

इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता सहित अधिकारीगण और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। योजना के शुभारंभ के साथ अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए जयपुर में आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही अन्य संभागों और भरतपुर की सैटेलाइट सिटी में आवासीय योजनाएं लाने की घोषणा से पत्रकार आवास योजना के विस्तार का मार्ग भी सामने आया है।

Tags: