जयपुर में अपैक्स बैंक की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते भारत सरकार के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, साथ में प्रशासक डॉ. समित शर्मा व अन्य अधिकारी।

जयपुर। राजस्थान में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों एवं पशुपालकों को आसान ऋण उपलब्ध कराने और बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने के लिए अपैक्स बैंक की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल की अध्यक्षता तथा अपैक्स बैंक के प्रशासक डॉ. समित शर्मा की उपस्थिति में हुई इस बैठक में प्रदेश में चार नए केंद्रीय सहकारी बैंक स्थापित करने की घोषणा की गई। साथ ही, सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और ऋण वितरण बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वर्तमान में राजस्थान में 29 केंद्रीय सहकारी बैंक और उनकी 441 शाखाएं संचालित हैं। बैठक में पंकज कुमार बंसल ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति (पैक्स) की स्थापना की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मिनी बैंकों का 31 दिसंबर तक कम्प्यूटरीकरण पूरा करने पर भी जोर दिया।

सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग को आवश्यक बताते हुए उन्होंने मोबाइल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए अनुबंध के आधार पर व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने और ग्राहकों को बेहतर एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञ सलाहकार टीम गठित करने पर भी बल दिया गया।

बंसल ने कहा कि किसानों को उनकी कृषि भूमि के अनुपात में उचित ब्याज दरों पर सरलता से ऋण उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसानों के बीच सीधे पहुंचकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को गोल्ड लोन सहित अन्य ऋण योजनाओं के तहत ऋण वितरण बढ़ाने तथा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए निजी बैंकों की तर्ज पर प्रभावी प्रोत्साहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही, तमिलनाडु राज्य की बैंकिंग प्रणाली का अध्ययन कर वहां की प्रभावी व्यवस्थाओं को अपनाने की सलाह दी गई।

पशुपालकों को संस्थागत बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों के सचिवों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत पशुपालकों के बैंक खाते खुलवाने और उन्हें अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक में पैक्स के माध्यम से दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना की अवधि बढ़ाने तथा इसके चरणबद्ध विस्तार और नवीनीकरण को सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा, ऋण रहन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया, ताकि संबंधित व्यवस्था के तहत निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप कार्य किया जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 2,500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण पर जोर दिया गया। वहीं, घाटे में संचालित जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार के उपायों पर चर्चा हुई। इस दौरान ऐसे बैंकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड की ओर से आश्वासन दिया गया।

बंसल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को अधिक किसानोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी स्वयं किसानों के बीच पहुंचकर उनकी आवश्यकताओं का आकलन करें तथा उन्हें समयबद्ध और सुगम बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराएं। ऋण वितरण में वृद्धि, ग्राहक सेवा में सुधार और सहकारी बैंकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अनुरूप काम करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में अपैक्स बैंक के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चुण्डावत सहित नाबार्ड और बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के केंद्र में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और किसानों एवं पशुपालकों को उनकी जरूरतों के अनुरूप ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।

Tags: