जयपुर, 26 सितंबर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। भारत सरकार की योजना-विशिष्ट प्रदर्शन रैंकिंग में राजस्थान ने 43.5 अंक हासिल कर देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में फसल बीमा प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग, पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयासों को इस मूल्यांकन में प्रमुख स्थान मिला है।

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संचालन का सभी राज्यों में 10 प्रदर्शन मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। असम 55.5 अंक के साथ पहले, उत्तर प्रदेश 47.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। राजस्थान 43.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहा। इसके बाद उत्तराखंड, हरियाणा, पुडुचेरी और महाराष्ट्र रहे। इस तरह राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

राजस्थान के प्रदर्शन में फसल कटाई प्रयोग को ऐप के माध्यम से ऑनलाइन करने और येसटेक के क्रियान्वयन में विशेष उपलब्धि दर्ज हुई है। राज्य को इन दोनों मापदण्डों पर 10-10 अंक मिले हैं। केसीसी खातों के नामांकन से संबंधित मापदण्ड में राजस्थान को 7.5 अंक और शिकायत निवारण में 6 अंक प्राप्त हुए।

फसल कटाई प्रयोग का ऐप के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से फसल उपज के आकलन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायता मिलती है। भारत सरकार के मूल्यांकन ढांचे में 90 प्रतिशत से अधिक फसल कटाई प्रयोग ऐप के माध्यम से किए जाने पर अधिकतम 10 अंक निर्धारित हैं। इसी तरह येसटेक के तहत तकनीक आधारित उपज आकलन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में येसटेक अपनाने वाले राज्यों के लिए अधिकतम 10 अंक निर्धारित हैं और राजस्थान को इस मापदण्ड पर पूरे 10 अंक मिले हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फसल कटाई प्रयोग ऐप के माध्यम से करने और येसटेक जैसे तकनीकी मापदण्डों में पूर्ण अंक प्राप्त होना कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के उपयोग की दिशा में राज्य की प्रगति को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आगामी समय में योजना के अन्य मापदण्डों, विशेषकर बीमा कवरेज, समयबद्ध दावा निस्तारण, उपज आंकड़ों की शीघ्र स्वीकृति तथा सुधार करते हुए किसानों को त्वरित, पारदर्शी और सुगम फसल बीमा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि फसल बीमा व्यवस्था को केवल क्षतिपूर्ति की योजना तक सीमित न रखते हुए इसे आंकड़ों और तकनीक आधारित, पारदर्शी तथा किसान केंद्रित व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के अधिकाधिक उपयोग से फसल नुकसान के आकलन, दावों के निस्तारण, शिकायत समाधान तथा योजना की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

भारत सरकार के रैंकिंग ढांचे में राज्यों का मूल्यांकन अधिसूचना जारी करने की समयबद्धता, राज्यांश सब्सिडी का भुगतान, फसल कटाई प्रयोग में ऐप के उपयोग, सकल फसल क्षेत्र में बीमा कवरेज, वास्तविक उपज की स्वीकृति, दावा भुगतान की समयबद्धता, केसीसी खातों का नामांकन, येसटेक और किसान शिकायतों के समाधान जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया है।

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राजस्थान में खरीफ 2016 से खरीफ 2026 तक 25.47 करोड़ फसल बीमा पॉलिसी सृजित की गई हैं। इस अवधि में किसानों ने 7,800 करोड़ रुपये का प्रीमियम भरा, जबकि इसके बदले फसल बीमा क्लेम के रूप में किसानों को 35,600 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह राशि किसानों द्वारा अदा किए गए प्रीमियम का 4.5 गुना है। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने लगभग 19-19 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम के रूप में अंशदान दिया।

राजस्थान में लगभग 90 प्रतिशत फसल कटाई प्रयोग ऐप के माध्यम से ऑनलाइन हुए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। इसी प्रकार राजस्थान फसल बीमा पोर्टल के साथ भूमि अभिलेख का एकीकरण करने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। राज्य के 52,946 गांवों में से 47,028 यानी 89 प्रतिशत गांवों के भू-अभिलेख का पोर्टल के साथ एकीकरण किया जा चुका है।

आयुक्त गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप फसल बीमा योजना में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा और फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 से अधिक प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। शत-प्रतिशत फसल कटाई प्रयोग ऐप के माध्यम से ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारी या कर्मचारी की भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाए जाने पर सीधे बर्खास्त करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान, तकनीक आधारित फसल आकलन में पूर्ण अंक और किसानों को अब तक 35,600 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम का भुगतान राज्य में योजना के क्रियान्वयन के प्रमुख आंकड़ों के रूप में सामने आया है।

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