राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा संकल्प अभियान में 2.70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचा जागरूकता संदेश

राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा संकल्प अभियान में 2,936 शिक्षण संस्थानों के 2.70 लाख विद्यार्थियों को सुरक्षा और साइबर जागरूकता की जानकारी दी गई।

Update: 2026-07-27 10:23 GMT

: तस्वीर में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के बैनर और पम्पलेट्स के साथ विद्यालय की छात्राएं, शिक्षिकाएं और पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं।

महिला सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस का "महिला सुरक्षा संकल्प" अभियान लगातार व्यापक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में संचालित अभियान के चतुर्थ सप्ताह में प्रदेशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न विभागों के सहयोग से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और कानूनों की जानकारी को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के तहत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ ऑनलाइन संवाद, जागरूकता कार्यशालाओं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकों का आयोजन किया। राजस्थान पुलिस ने शिक्षण संस्थानों और अन्य हितधारकों तक पहुंचकर महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास और जागरूकता का संदेश दिया।

महिला सुरक्षा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) सुनीता मीना ने बताया कि अभियान के चतुर्थ सप्ताह के दौरान प्रदेशभर के 2,398 विद्यालयों और 538 महाविद्यालयों में ऑनलाइन जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में कुल 2,70,075 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यशालाओं के दौरान विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, गुड टच-बैड टच, महिला अधिकार, आत्मरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं और राजकॉप सिटीजन ऐप के प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से युवाओं को सुरक्षा उपायों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।

चतुर्थ सप्ताह के दौरान आयोजित ऑनलाइन कार्यशालाओं में विभिन्न जिलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। जिलावार आंकड़ों के अनुसार कोटपूतली जिला 74 विद्यालयों और 11 महाविद्यालयों से सर्वाधिक 21,580 विद्यार्थियों को जोड़कर शीर्ष पर रहा। वहीं चित्तौड़गढ़ जिले में 344 विद्यालयों और 6 कॉलेजों से 23,200 विद्यार्थियों तथा झालावाड़ जिले में 242 विद्यालयों और 12 कॉलेजों के 17,778 विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, अधिकारों और 'गुड टच-बैड टच' के प्रति जागरूक किया गया।

इसके अलावा कोटा शहर के 14,531 और उदयपुर के 14,563 विद्यार्थियों ने भी इन जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लिया। शैक्षणिक संस्थानों की कुल संख्या के मामले में झुंझुनूं जिला सबसे आगे रहा, जहां 117 विद्यालयों और 85 महाविद्यालयों के 4,823 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। पाली जिले में 13,751, बांसवाड़ा में 13,420 और राजसमंद में 8,762 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कार्यशालाओं के माध्यम से आत्मरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्राप्त की।

अभियान के अंतर्गत महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय बैठकें भी आयोजित की गईं। इन बैठकों में महिला सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ित सहायता तंत्र को मजबूत करने, त्वरित पुलिस कार्रवाई, साइबर सुरक्षा जागरूकता, महिला हेल्पलाइन और राजकॉप सिटीजन ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष चर्चा की गई।

महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार करना है। राजस्थान पुलिस समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से महिला सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आगामी चरणों में भी नवाचार आधारित गतिविधियों और व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से महिला सुरक्षा का संदेश प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के चतुर्थ सप्ताह में हुए प्रयासों से प्रदेशभर में महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता को लेकर व्यापक स्तर पर संवाद स्थापित हुआ है।

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