डोटासरा पर मदन राठौड़ का हमला, बोले- भ्रष्टाचार में डूबे लोग नैतिकता की उम्मीद कर रहे

मदन राठौड़ ने डोटासरा पर साधा निशाना, पेपर लीक और विपक्ष की रणनीति को लेकर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला।

Update: 2026-07-27 14:48 GMT

तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पार्टी कार्यालय में नजर आ रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज उनकी स्थिति सबसे अधिक शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब डोटासरा राजस्थान के शिक्षा मंत्री थे और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, तब प्रदेश में 17 बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए। उन्होंने कहा कि इस दौरान दो बार विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र भी लीक हुए, लेकिन उस समय डोटासरा ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दिया।

मदन राठौड़ ने कहा कि आज डोटासरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जो उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जो स्वयं आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, वे दूसरों से नैतिकता की उम्मीद कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि उस समय डोटासरा ने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था कि परीक्षाओं का आयोजन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड करता है। वहीं, आज भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करती है। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करना पूरी तरह राजनीतिक और अवसरवादी रवैया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता कांग्रेस के इस दोहरे मापदंड को देख रही है और अब यह छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के पास वर्तमान में कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। संसद में सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है और केवल हंगामा करना उसकी प्राथमिकता बन गई है।

राठौड़ ने कहा कि यदि विपक्ष के पास तथ्य हैं तो उन्हें सदन में चर्चा करनी चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में दिल्ली में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस ने ऐसे लोगों का समर्थन किया, जिन्होंने भारत विरोधी, राष्ट्र विरोधी और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तत्वों का समर्थन करना कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है और यह अत्यंत निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीन भाषा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए। राठौड़ ने आरोप लगाया कि आज विपक्ष नेतृत्वविहीन हो चुका है और उसके पास न कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया जाता है, कभी चर्चा की मांग की जाती है और कभी इस्तीफे की राजनीति की जाती है, यह सब केवल राजनीतिक नौटंकी है।

मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस जानती है कि यदि संसद में गंभीर चर्चा हुई तो उसके शासनकाल के पेपर लीक, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में भ्रम और अशांति फैलाने की राजनीति कर रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था कर कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान लागू किया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भविष्य में भी ऐसे मामलों में और अधिक सख्ती बरतेगी तथा युवाओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

Tags:    

Similar News