बजट घोषणाओं में देरी पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सख्त, चारागाह अतिक्रमणकारियों पर एफआईआर के निर्देश
जयपुर में समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, चारागाह अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
जयपुर स्थित पंचायती राज सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर और उपस्थित अधिकारी।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने वर्ष 2024-25, वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने बजट घोषणाओं, स्वामित्व योजना तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों को आवासीय पट्टों के वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में श्री दिलावर ने कहा कि सरकार की प्रत्येक बजट घोषणा आमजन से किया गया संकल्प है, इसलिए प्रत्येक कार्य का नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रियाधीन मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
चारागाह भूमि पर बढ़ते अतिक्रमणों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि चारागाह प्रदेश की अमूल्य सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में चिन्हित 200 बड़े अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा आवश्यकता अनुसार एफआईआर दर्ज कर कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। यदि चारागाह भूमि ही समाप्त हो जाएगी तो गौवंश के लिए चराई की व्यवस्था कैसे होगी। उन्होंने कानून के सभी प्रावधानों का उपयोग करते हुए चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और चारागाह विकास समितियों का पुनर्गठन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मंत्री ने कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 प्रकरण की समीक्षा करते हुए जिन पांच जिलों की जांच पूरी हो चुकी है, वहां अयोग्य अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही शेष मामलों को अग्रिम जांच के लिए एसओजी को भेजने को कहा।
श्री दिलावर ने कहा कि ग्राम पंचायतें गांवों की सरकार हैं और उन्हें अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर सुशासन को और मजबूत करने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
नशामुक्त पंचायती राज संस्थाओं के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए मंत्री ने शराब का सेवन करने तथा गुटखा खाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि पंचायती राज संस्थाओं में अनुशासन और स्वस्थ कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
बैठक में शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, स्वामित्व योजना की प्रगति तथा पंचायतों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया।