तस्वीर में अहमदाबाद और भिवंडी के रेलवे निर्माण स्थल पर क्रेन, मशीनरी और निर्माण कार्य का निरीक्षण करते लोग दिखाई दे रहे हैं।

भारतीय रेलवे ने आधुनिक निर्माण तकनीकों के इस्तेमाल से सुरक्षित, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित रेल बुनियादी ढांचे के विकास में अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स और एडवांस्ड हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक के जरिए अहमदाबाद और भिवंडी में किए गए सबवे निर्माण ने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता, सुरक्षा और स्थायित्व का नया उदाहरण पेश किया है।

अहमदाबाद में पश्चिम रेलवे की निर्माण इकाई ने फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स (फूजी टेक) तकनीक का इस्तेमाल कर पैदल यात्रियों के लिए सबवे का सफल निर्माण किया। इस सबवे में 14 प्रीकास्ट सेगमेंट लगाए गए हैं और इसकी बैरल लंबाई 21 मीटर है। निर्माण कार्य कट-एंड-कवर विधि से किया गया तथा इसे 8 घंटे से भी कम समय के नाइट ब्लॉक में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

सबवे की संरचना को जलरोधक बनाने के लिए बॉक्स की पोस्ट-टेन्शनिंग, स्वेलिंग गैस्केट, डिंपल बोर्ड और SBS मेम्ब्रेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इससे प्रभावी वॉटरप्रूफिंग सुनिश्चित की गई। यह निर्माण कार्य रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी, गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व के समन्वय को दर्शाता है।

इसी क्रम में पनवेल-वसई रेल खंड के भिवंडी क्षेत्र में सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे शुरू किया गया है। इसका निर्माण चार बड़े प्रीकास्ट RCC सेगमेंट और आधुनिक हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक के माध्यम से किया गया।

सबवे में कई सीलिंग लेयर्स और सुरक्षात्मक मेम्ब्रेन के जरिए उन्नत वॉटरप्रूफिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भारी माल ढुलाई यातायात को ध्यान में रखते हुए इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अनुरूप मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह सबवे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित तथा हर मौसम में सुगम क्रॉसिंग उपलब्ध कराता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए सबवे में कवर्ड अप्रोच, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।

अहमदाबाद और भिवंडी में हुई ये उपलब्धियां भारतीय रेलवे की आधुनिक निर्माण प्रक्रियाओं, स्वदेशी तकनीक और यात्री-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विज़न के अनुरूप भारतीय रेलवे अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर ऐसा रेल नेटवर्क विकसित कर रहा है, जो तकनीकी रूप से उन्नत, पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित हो।

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