तस्वीर में एएनटीएफ टीम के साथ गिरफ्तार इनामी तस्कर सरगना श्यामसुंदर उर्फ सांवरिया जोधपुर में नजर आ रहा है।

एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन वंशीधर 2.0’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक लाख रुपये के इनामी वांछित तस्कर सरगना श्यामसुंदर उर्फ सांवराराम उर्फ सांवरिया को जोधपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी करीब 15 वर्षों से आपराधिक गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित करीब 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

आईजी श्री कुमार ने बताया कि श्यामसुंदर लंबे समय से तस्करी के नेटवर्क में सक्रिय था और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन में उसकी मजबूत पकड़ बताई गई है। वह लंबे समय तक कुख्यात तस्करों के संपर्क में रहा और बाद में उसने अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया। वर्ष 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल द्वारा पकड़े जाने के बावजूद जेल से बाहर आने के बाद वह दोबारा मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हो गया।

जांच में सामने आया कि श्यामसुंदर मणिपुर और मिजोरम क्षेत्र से मध्यप्रदेश के रास्ते मारवाड़ तक मादक पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार, वह अलग-अलग सेकेंड हैंड वाहनों का इस्तेमाल करते हुए 30 से 60 किलो तक की खेप राजस्थान लाने की कोशिश करता था।

श्यामसुंदर को पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने करीब 10 महीने तक लगातार प्रयास किए। इस दौरान वह तीन बार टीम को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। पहली बार रिश्तेदार की बारात में उसकी मौजूदगी की सूचना पर एएनटीएफ टीम पहुंची, लेकिन भनक लगने पर वह वहां से निकल गया। दूसरी बार सांचौर की इंद्रा कॉलोनी में तस्कर साथियों के ठिकाने पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई में उसके साथी पकड़े गए, लेकिन श्यामसुंदर बच निकला।

तीसरी बार उसके मणिपुर से मध्यप्रदेश और बारां होते हुए जोधपुर आने की सूचना मिली। एएनटीएफ ने उसका पीछा किया, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसके बाद टीम ने उसकी तलाश जारी रखी।

आखिरकार एएनटीएफ को श्यामसुंदर के बाड़मेर से जोधपुर आने की सूचना मिली। धवा और बोरानाड़ा क्षेत्र में टीमों ने घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। संदिग्ध कार दिखाई देने के बाद टीम ने उसका करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया। आरोपी ने कच्चे रास्ते पर वाहन मोड़कर भागने का प्रयास किया और टीम के वाहन को टक्कर मार दी।

इसके बाद श्यामसुंदर कार छोड़कर झाड़ियों की आड़ में पैदल भागने लगा। एएनटीएफ टीम ने उसका पीछा किया और उसे दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ को मणिपुर से मध्यप्रदेश और राजस्थान तक फैले अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आने की उम्मीद है। श्यामसुंदर से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है। एएनटीएफ अब सप्लायर, परिवहनकर्ताओं, स्थानीय रिसीवरों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

वहीं, नागौर की एमडी बरामदगी के मामले में भी सप्लाई के स्रोत और आगे के नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

रक्षाबंधन पर हुई इन तीन कार्रवाइयों में एएनटीएफ ने एक ओर जयपुर पहुंचने से पहले 1.62 करोड़ रुपये की एमडी की खेप रोककर नशे के नेटवर्क को झटका दिया, वहीं दूसरी ओर फरार इनामी अपराधियों और तस्कर सरगना को गिरफ्तार किया। कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि अपराधी चाहे कितने ही समय तक फरार रहें, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।

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