राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले: शिक्षा और स्किल से पूरा होगा विकसित भारत का संकल्प
एजुस्किल्स समिट में नई शिक्षा नीति और गुरुकुल परंपरा का जिक्र कर राज्यपाल ने युवाओं को नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया।
तस्वीर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे जयपुर में पोडियम पर लगे माइक से संबोधित करते हुए दिख रहे हैं।
जयपुर, 23 सितंबर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास से ही विकसित भारत का संकल्प तेजी से पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ने के साथ वे राष्ट्र निर्माण में भी सहभागी बन सकें। देश के सभी क्षेत्रों में विकास के साथ राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उन्होंने शिक्षा को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए इस क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
श्री बागडे बुधवार को एक निजी होटल में आयोजित "एजुस्किल्स समिट 2026" को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे बालक का आत्मिक, शारीरिक और चरित्र विकास हो। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर से ही इससे जुड़ी शिक्षा दी जानी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेज भारत में आए, उससे पहले देश में आठ लाख गुरुकुल थे। भारतीय शिक्षा पद्धति बहुत अधिक विकसित थी। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने जो शिक्षा पद्धति भारत पर थोपी, उससे गुलाम मानसिकता का विकास हुआ। उन्होंने कहा कि इसीलिए विनोबा भावे ने कहा था कि आजादी के बाद जिस तरह आजाद होते ही देश का झंडा बदला गया, उसी तरह शिक्षा पद्धति भी बदली जानी चाहिए थी।
राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजों ने पश्चिम को श्रेष्ठ बताने के साथ धर्म बदलवाने वालों का इतिहास पढ़ाया। यही आजादी के बाद भी पढ़ाया जाता रहा। उन्होंने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि पहली बार शिक्षा में इससे आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। यह राष्ट्र हित में नई पीढ़ी को ज्ञान परंपरा से जोड़ने वाली है।
उन्होंने "विकसित भारत" के लिए प्राचीन ज्ञान से जुड़े कौशल विकास के साथ आधुनिक दृष्टि से कार्य किए जाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने युवाओं की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें ऐसी शिक्षा दिए जाने की आवश्यकता जताई, जिससे वे नौकरी पाने के लिए उत्सुक रहने के बजाय नौकरी देने वाले बनें।
राज्यपाल ने इससे पहले शिक्षा और उद्योग समन्वय से जुड़े शिक्षा कौशल फाउंडेशन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और कौशल से जुड़ी पुस्तकों का लोकार्पण भी किया। एजुस्किल्स समिट 2026 में शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के बीच समन्वय को लेकर राज्यपाल का संदेश नई पीढ़ी को ज्ञान, कौशल और आधुनिक दृष्टि से जोड़ने पर केंद्रित रहा।