डीग पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी बैंक खाते और सिम बेचने वाली गैंग के 15 गिरफ्तार
ऑपरेशन काउण्टडाउन के तहत बैंकर और सिम विक्रेता समेत 15 आरोपी पकड़े गए, एनसीआरपी पोर्टल पर 28 करोड़ की ठगी से जुड़ी 287 शिकायतें दर्ज।
तस्वीर में कैथवाड़ा पुलिस थाना भवन के बाहर जब्त की गई गाड़ियां खड़ी दिख रही हैं।
जयपुर, 22 सितम्बर। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत डीग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘‘ऑपरेशन काउण्टडाउन’’ के तहत पुलिस थाना कैथवाडा और जिला डीएसटी टीम डीग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी बैंक खाते और फर्जी सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराने वाली अंतर्राज्यीय गैंग के सरगना सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24 मोबाइल फोन मय 27 सिम कार्ड, 54 अन्य सिम कार्ड, 37 खाली रेपर सिम कार्ड, 01 लैपटॉप, 10 एटीएम कार्ड, 06 बैंक पासबुक, 02 चैक बुक और 1 फर्जी आधार कार्ड जब्त किया है। इसके अलावा साइबर ठगी की राशि से खरीदी गई 01 स्कॉर्पियो, 01 थार, 01 क्रेटा और 01 बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। आरोपियों के कब्जे से ₹85,600 नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी चैन बनाकर संयुक्त रूप से फर्जी बैंक खाते और फर्जी सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। जांच में आरोपियों के कब्जे से 200 से अधिक म्यूल अकाउंट का रिकॉर्ड प्राप्त होना पाया गया है। इन खातों का उपयोग कमीशन पर साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर 287 फ्रॉड संबंधी शिकायतें दर्ज हैं। इनमें लगभग 28 करोड़ रुपये की साइबर ठगी होना पाया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग अब तक राजस्थान और हरियाणा के साइबर ठगों को करीब 500 बैंक खाते और 1500 फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करा चुकी है।
कार्रवाई में एक बैंकर राजकुमार और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले एक सिम पीओएस अंकुश सक्सेना को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाना कैथवाडा और जिला डीएसटी टीम डीग की इस संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राज्यीय स्तर पर साइबर ठगों को बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के संबंध में रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में मोहित पुत्र सुरेन्द्र कुमार, उम्र 29 साल, जाति वैश्य, निवासी सैक्टर 03 फरीदाबाद, थाना सैक्टर 03 फरीदाबाद, हरियाणा; इरसाद पुत्र मुबीन, उम्र 24 साल, जाति मेव, निवासी दाहना, थाना बिछोर, जिला नूहॅ मेवात, हरियाणा; शिवम नामदेव पुत्र रामकिंकर नामदेव, उम्र 25 साल, जाति नामदेव, निवासी म0न0-ए 19, गली न0 01, सैक्टर 91, फरीदाबाद, थाना नवीनगर, फरीदाबाद, हरियाणा; अंकित पाल पुत्र नेत्रपाल, उम्र 22 साल, जाति गडरिया, निवासी म0न0-104, रूपनगर, हर्ष विहार, जैदपुर बदरपुर, थाना बदरपुर, नई दिल्ली; और रफीक पुत्र हमीद, जाति कुरैशी मुसलमान, उम्र 48 साल, निवासी अमीनाबाद उर्फ फुसैता, थाना बिछोर, जिला नूह मेवात, हरियाणा शामिल हैं।
इसके अलावा नरेन्द्र कुमार उर्फ बागडी पुत्र हनूमाना राम, उम्र 27 साल, जाति जाटा, निवासी आलसर, थाना राजलदेसर, जिला चूरू, राज0, हाल निवासी मकान नं0 517, वैशाली नगर, जयपुर; आशीष पुत्र जिलेसिंह, उम्र 27 साल, जाति यादव, निवासी रघूनाथपुरा, थाना मांडन, जिला कोटपूतली बहरोड; सारूख पुत्र सहजाद, जाति फकीर, उम्र 27 साल, निवासी दीप सिटी, हाजरा मस्जिद, पुलिस थाना ट्रोनिका सिटी, लोनी, गाजियाबाद, उ0प्र0; हर्ष शर्मा पुत्र बबलू, जाति ब्राहमण, उम्र 23 साल, निवासी रूपनगर, लोनी, गाजियाबाद; और अंकुश सक्सेना पुत्र सूर्यप्रकाश सक्सेना, जाति कायस्थ, उम्र 38 साल, निवासी 175 जनता फ्लेट, जीटीबी एन क्लेब, दिल्ली, पुलिस थाना नंद नगरी, दिल्ली, सिम पीओस को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में साकिफ पुत्र युनस, जाति सलमानी मुसलमान, उम्र 28 साल, निवासी मकान नं0 439, पीर बाबूदीन, हापुड, थाना हापुड कोतवाली; राजकुमार पुत्र सुरेश कुमार, जाति जाटव, उम्र 36 साल, निवासी छलेरा, गली नं0 1, मकान नं0 170, सैक्टर 44, थाना सैक्टर 39, ग्रेटर नोएडा, बैंकर; परवेज खान पुत्र भूरू खान, जाति मेव, उम्र 28 साल, निवासी एडवर्ड मानपुर, थाना सीकरी, जिला डीग; हजरत बिलाल पुत्र हक्कू, उम्र 35 साल, जाति मेव, निवासी बामनी, थाना जुरहरा, जिला डीग; और मुस्तुफा खान पुत्र जाकर, उम्र 24 साल, जाति मेव, निवासी बामनी, थाना जुरहरा, जिला डीग भी शामिल हैं।
डीग पुलिस की इस कार्रवाई में फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े 15 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन और नकदी जब्त की गई है। पुलिस द्वारा बरामद 200 से अधिक म्यूल अकाउंट के रिकॉर्ड और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 287 फ्रॉड संबंधी शिकायतों से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।