भारतीय शिक्षण मंडल चित्तौड़ प्रांत की कार्यकारिणी बैठक अजमेर में संपन्न, संगठन विस्तार पर मंथन
भारतीय शिक्षण मंडल चित्तौड़ प्रांत की अजमेर बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और शिक्षा विषयों पर अहम निर्णय लिए गए।
तस्वीर में अजमेर में आयोजित भारतीय शिक्षण मंडल की प्रांत कार्यकारिणी बैठक के दौरान मंच पर संबोधन देते हुए वक्ता और बैठे हुए प्रतिभागी दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय शिक्षण मंडल, चित्तौड़ प्रांत की प्रांत कार्यकारिणी बैठक का आयोजन 26 जुलाई 2026 को अजमेर में किया गया। बैठक में प्रांत के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए संगठनात्मक विषयों, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे पंजीयन के साथ हुआ। इसके बाद परिचय सत्र आयोजित किया गया। प्रांत अध्यक्ष एवं राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आनंद भालेराव की अध्यक्षता में कार्यकारिणी बैठक संपन्न हुई।
प्रांत अध्यक्ष प्रो. आनंद भालेराव जी ने अपने उद्बोधन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक समर्पित कार्यकर्ता के अपेक्षित गुणों, दायित्वों एवं कार्यशैली पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन को सुदृढ़ एवं गतिशील बनाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने संगठनात्मक विस्तार एवं सशक्तीकरण के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
प्रथम सत्र में प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने "व्यास पूर्णिमा" विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु के महत्व, गुरु-शिष्य परंपरा तथा शिक्षकों की सामाजिक एवं राष्ट्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. गुप्ता ने व्यास गुरु से आधुनिक AI सुविधा तक गुरु को सदैव केंद्र में बताया। उन्होंने संगठन के छह उत्सवों का वैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए संगठन में उत्सव कार्यक्रमों के महत्व को भी समझाया।
द्वितीय सत्र में प्रांत मंत्री डॉ. राधाकिशन मोटवानी ने संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों, आगामी कार्यक्रमों, कार्ययोजना तथा प्रांत स्तर पर विभिन्न आयामों को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
चाय-पान के उपरांत तृतीय सत्र में प्रांत उपाध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद शाहू ने सदस्यता अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सदस्यता वृद्धि, वित्तीय अनुशासन तथा समयबद्ध सदस्यता अभियान को सफल बनाने पर बल दिया।
भोजनावकाश के बाद चतुर्थ सत्र में प्रांत सहमंत्री डॉ. जय प्रकाश त्रिपाठी ने 26–28 जून तक बेंगलुरु में आयोजित अखिल भारतीय टोली बैठक का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रकाशन प्रमुख डॉ. अक्षांश भारद्वाज ने प्रांत पत्रिका की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए आगामी अंक की पत्रिका के संभावित विषयों एवं विषय-वस्तु पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में मुक्त चर्चा, विभिन्न जिलों की गतिविधियों की समीक्षा, प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न जिलों से प्राप्त सुझावों का संकलन करते हुए संगठन के विस्तार एवं गुणवत्ता संवर्धन के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए।
पंचम एवं समापन सत्र में आगामी कार्ययोजना, संगठनात्मक दायित्वों एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सभी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को अधिक सशक्त बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया। बैठक का समापन सायं 4:00 बजे प्रार्थना एवं कल्याण मंत्र के साथ हुआ।
बैठक में प्रमुख निर्णय लिए गए कि प्रांत में सदस्यता अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा। प्रत्येक जिले में नियमित संगठनात्मक बैठकें एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विषयों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी प्रांतीय कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे जाएंगे तथा जिला स्तर पर कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे।