भरतपुर-यूपी सीमा पर पुलिस मुठभेड़ में दो इनामी शूटर गिरफ्तार, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई थानाधिकारी की जान

भरतपुर पुलिस ने यूपी के बुलंदशहर में मुठभेड़ के बाद 25-25 हजार के दो इनामी शूटरों को गिरफ्तार किया। फायरिंग में बुलेटप्रूफ जैकेट ने थानाधिकारी की जान बचाई।

Update: 2026-07-10 13:46 GMT

भरतपुर शहर में पिछले दिनों व्यापारियों पर हुई फायरिंग, हत्या और लूट के प्रयास की सनसनीखेज वारदातों का खुलासा करते हुए भरतपुर जिला पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मुठभेड़ के बाद 25-25 हजार रुपये के दो इनामी शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई भरतपुर रेंज महानिरीक्षक कैलाश चंद्र विश्नोई के प्रभावी सुपरविजन तथा जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में चिकसाना थाना पुलिस, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण उर्फ बॉबी पुत्र मान सिंह (35) और बलराम उर्फ बल्लू पुत्र अजय सिंह (21) निवासी सौरोठ का वास, कासौट थाना सदर डीग, जिला डीग के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे भरतपुर में हुई गंभीर आपराधिक वारदातों में वांछित थे।

पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बताया कि 4 जुलाई की रात चिकसाना थाना क्षेत्र में मारुति नंदन बीएड कॉलेज के पास बाइक सवार बदमाशों ने व्यवसायी प्रमोद कुमार मित्तल पर लूट के इरादे से जानलेवा फायरिंग की थी। इस हमले में गोली उनकी पीठ में लगी थी। इसके तुरंत बाद बदमाशों ने सेवर थाना क्षेत्र के अनाह गेट निवासी बर्तन व्यापारी चंद्रभान से पांच लाख रुपये से भरा बैग लूटने का प्रयास किया।

दोनों घटनाओं में व्यापारियों ने बदमाशों का विरोध किया, जिसके बाद आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी। पेट में गोली लगने से घायल बर्तन व्यापारी चंद्रभान की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लगातार हुई इन दोनों वारदातों के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया, जिसे जिला पुलिस ने चुनौती के रूप में लेते हुए विशेष अभियान शुरू किया।

आरोपियों तक पहुंचने के लिए गठित विशेष टीमों ने घटनास्थल और फरारी के संभावित मार्गों पर लगे करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और डीग जिला पुलिस के सहयोग से उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले वारदात में शामिल महेश उर्फ शैलू (22) निवासी कासौट, डीग को दस्तयाब किया। पूछताछ में महेश ने प्रवीण उर्फ बॉबी और बलराम की वारदात में संलिप्तता की पुष्टि की। इसके बाद वृत्ताधिकारी ग्रामीण कन्हैयालाल के नेतृत्व में चिकसाना थानाधिकारी बृजेश कुमार मीणा अपनी टीम के साथ उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंचे। वहां पुलिस टीम को देखकर भाग रहे दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार 10 जुलाई को बुलंदशहर से दोनों आरोपियों को लेकर भरतपुर लौटते समय गांव नगला केवल के पास आरोपियों ने लघुशंका के लिए वाहन रुकवाया। इसी दौरान मुख्य आरोपी प्रवीण उर्फ बॉबी ने अचानक पुलिस दल पर झपट्टा मारकर सरकारी पिस्टल छीन ली और भागने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख उसने थानाधिकारी बृजेश कुमार मीणा पर जानलेवा नीयत से दो राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली थानाधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई।

इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में प्रवीण उर्फ बॉबी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। वहीं उसका साथी बलराम भागने का प्रयास करते समय पत्थरों से टकरा गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोबारा काबू कर लिया।

मुठभेड़ में घायल दोनों इनामी आरोपियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका उपचार जारी है। भरतपुर पुलिस का कहना है कि आरोपियों की स्थिति में सुधार होने के बाद उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान भरतपुर शहर और आसपास के जिलों में हुई अन्य कई गंभीर वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

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