अलवर खदाना मोहल्ला बुजुर्ग हत्याकांड का 12 घंटे में खुलासा, हाथ-पैर बांधकर हत्या करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
अलवर के खदाना मोहल्ला में बुजुर्ग की हाथ-पैर बांधकर हत्या और चोरी के मामले का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दो आरोपियों को डिटेन किया।
अलवर के कोतवाली थाने के बाहर खड़े पुलिस अधिकारी और कर्मचारी।
अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के खदाना मोहल्ला में एक बुजुर्ग की घर में घुसकर हाथ-पैर और मुंह बांधकर बेरहमी से हत्या करने तथा नकदी व सामान चोरी करने के सनसनीखेज मामले का अलवर पुलिस ने महज 12 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर आरोपियों को डिटेन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अलवर सुधीर चौधरी ने बताया कि इस अमानवीय वारदात का खुलासा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय डॉ. दीपक कुमार एवं वृत्ताधिकारी उत्तर अंगद शर्मा के निकटतम सुपरविजन में कोतवाली पुलिस, जिला विशेष टीम और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से संभव हुआ।
एसपी सुधीर चौधरी के अनुसार, शुक्रवार को परिवादी विकास कुमार अग्रवाल ने कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके पिता दिनेशचंद अग्रवाल खदाना मोहल्ला स्थित अपने पुराने पैतृक मकान में अकेले रहते थे। वे प्रतिदिन केवल भोजन करने के लिए बेटे विकास के नए घर पर आते थे, जबकि नहाना-धोना और रात्रि विश्राम पुराने मकान में ही करते थे।
गुरुवार रात करीब 9:30 बजे तक दिनेशचंद अग्रवाल विकास के घर पर मौजूद थे। अगली सुबह जब वे भोजन करने नहीं पहुंचे तो विकास ने उन्हें मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं लगा। इसके बाद विकास पुराने मकान पहुंचे, जहां दरवाजा अंदर से बंद मिला। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने दूसरी चाबी से ताला खोला और अंदर प्रवेश किया। कमरे में उनके पिता दिनेशचंद अग्रवाल के दोनों हाथ, पैर और मुंह कपड़े से बंधे हुए थे तथा वे बेसुध पड़े थे। हाथ-पैर और मुंह खोलकर शरीर को हिलाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अज्ञात बदमाश घर में घुसकर उनकी हत्या कर चुके थे और कमरे में रखी नकदी व सामान लेकर फरार हो गए थे।
बुजुर्ग की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। चूंकि दिनेशचंद अग्रवाल अकेले रहते थे, इसलिए वारदात होने के करीब 20 घंटे बाद घटना का पता चल सका। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एफएसएल टीम, एमओबी टीम, तकनीकी विंग और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए वृत्ताधिकारी उत्तर शहर के नेतृत्व में डीएसटी, तकनीकी टीम और विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने क्षेत्र के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार 12 घंटे तक कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया।
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी 20-20 वर्ष के युवक हैं। पुलिस के अनुसार उन्होंने चंद रुपयों और सामान के लालच में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की पहचान करण कोली पुत्र रामजीलाल निवासी दारुकुटा मोहल्ला, थाना कोतवाली, अलवर तथा तेजू उर्फ तेजपाल पुत्र अशोक वाल्मीकि निवासी मालवीय नगर, थाना अरावली विहार, अलवर के रूप में हुई है।
पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ के माध्यम से चोरी गई नकदी और सामान की बरामदगी के साथ-साथ वारदात के अन्य कारणों का भी विस्तृत खुलासा किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।