32 हजार में नाबालिग बच्ची की खरीद-फरोख्त मामले में आरोपियों की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर

अजमेर में नाबालिग बच्ची की 32 हजार रुपये में खरीद-फरोख्त मामले में आरोपियों की अवैध संपत्ति पर पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की।

Update: 2026-07-27 10:37 GMT

राजस्थान में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अजमेर पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बच्ची की 32 हजार रुपये में खरीद-फरोख्त के गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना दरगाह क्षेत्र के इस प्रकरण में मुख्य आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित अचल संपत्तियों और किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के प्रदेशव्यापी सख्त निर्देशों की पालना में यह कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी के निर्देश हैं कि महिला एवं बाल अपराधों में शामिल अपराधियों को केवल जेल भेजने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अपराध के जरिए अर्जित की गई अवैध संपत्तियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में दरगाह थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम ने प्रकरण संख्या 104/2026 के आरोपियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद उनके ठिकानों पर बुलडोजर और हथौड़े चलाने की कार्रवाई शुरू की।

कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मणराम, दरगाह थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह सहित पुलिस अधिकारी और नगर निगम एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अवैध निर्माणों को गिराने की कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं।

इस मामले में शामिल दो प्रमुख महिला आरोपियों अफसाना उर्फ बिजली (36) पत्नी मोहम्मद जावेद, मूल निवासी मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल), हाल निवासी अन्दरकोट थाना दरगाह व हाल गली नंबर 17, लोंगिया मोहल्ला थाना गंज, अजमेर और आफरीन उर्फ नूरजहां (36) पत्नी साबिर निवासी झरनेश्वर मंदिर के पास, अन्दरकोट थाना दरगाह, अजमेर के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच के बाद अपराध से अर्जित संपत्तियों, बैंक खातों और अवैध कब्जों का विवरण जुटाया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

संबंधित प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपियों द्वारा सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों और बिना स्वीकृति बनाए गए ढांचों को नियमानुसार ध्वस्त और जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

अजमेर पुलिस की इस कार्रवाई के माध्यम से राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्थान में महिला और बाल अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों और अवैध निर्माणों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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