जुलाई 2026 में भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि, माल ढुलाई में 9% वृद्धि के साथ 141.3 मिलियन टन लोडिंग
भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई में 9% वृद्धि दर्ज की। 141.3 मिलियन टन लोडिंग, कोयला, लौह अयस्क, खाद्यान्न और उर्वरक परिवहन में बढ़ोतरी के साथ राजस्व और यात्री संख्या में भी इजाफा हुआ।
तस्वीर में भारतीय रेलवे का एक नीला मालगाड़ी इंजन पटरी पर दौड़ते हुए दिखाई दे रहा है, जिसके साथ बाईं ओर जुलाई 2026 के माल ढुलाई और प्रदर्शन के आंकड़े दर्शाए गए हैं। यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।
भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन दर्ज करते हुए पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। रेलवे ने इस महीने 141.3 मिलियन टन माल की लोडिंग की, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 129.7 मिलियन टन था। यह प्रदर्शन देश के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में मजबूत मांग और माल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 के दौरान माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। अधिक माल लोडिंग, यात्री संख्या में वृद्धि, राजस्व में सुधार और प्रमुख वस्तुओं की आवाजाही में तेजी ने भारतीय रेलवे की आर्थिक विकास, लॉजिस्टिक्स मजबूती और देशभर में विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।
जुलाई 2026 में कई प्रमुख वस्तु श्रेणियों की लोडिंग में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई। लौह अयस्क की लोडिंग में 22.2 प्रतिशत, कोयले में 11.5 प्रतिशत, खाद्यान्न में 11.5 प्रतिशत, उर्वरकों में 12 प्रतिशत और अन्य वस्तुओं की श्रेणी में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह वृद्धि बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों में बढ़ती मांग को दर्शाती है।
थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में घरेलू कोयले की आपूर्ति में भी तेजी लाई। जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
माल ढुलाई में वृद्धि का सीधा असर रेलवे के राजस्व पर भी पड़ा। जुलाई 2026 में जुलाई 2025 की तुलना में माल भाड़े से ₹1,137 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जो 8 प्रतिशत की वृद्धि है। जोनल रेलवे में ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 33 प्रतिशत, ईस्टर्न रेलवे ने 33 प्रतिशत, वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने 23 प्रतिशत और साउथ ईस्टर्न रेलवे ने 10.33 प्रतिशत की उल्लेखनीय माल राजस्व वृद्धि दर्ज की।
यात्री परिवहन के क्षेत्र में भी भारतीय रेलवे ने बढ़त दर्ज की। जुलाई 2026 में रेलवे ने 63.35 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 62.19 करोड़ थी। उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों क्षेत्रों में यात्री संख्या में वृद्धि जारी रही, जो देशभर में रेल यात्रा के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
भारतीय रेलवे ने कहा कि वह माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत करने, यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने और आधुनिक रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहा है। परिचालन दक्षता में सुधार, क्षमता विस्तार और ग्राहक केंद्रित पहलों के माध्यम से भारतीय रेलवे देश की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और करोड़ों यात्रियों के लिए सुगम परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।