नोहर: त्योहारों के बीच पंचायती राज चुनाव कराने का विरोध, तिथि बदलने की मांग
करवा चौथ और धनतेरस पर मतदान से महिला मतदाताओं और चुनाव कर्मियों को होने वाली परेशानी के चलते पूर्व पार्षद मुकेश मिश्रा ने आयोग को पत्र लिखा है।
नोहर, 6 अक्टूबर। पंचायती राज चुनावों की प्रस्तावित तिथियों को लेकर अब त्योहारों के बीच मतदान कराने पर सवाल उठने लगे हैं। 29 अक्टूबर को करवा चौथ और 6 नवंबर को धनतेरस के दिन चुनाव प्रस्तावित होने के कारण चुनाव कार्यक्रम में संशोधन की मांग सामने आई है। इस संबंध में पूर्व पार्षद मुकेश मिश्रा ने राज्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर चुनाव तिथियों में बदलाव की मांग की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दिन मतदान होने से महिला प्रत्याशियों और महिला मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करने में असुविधा हो सकती है।
इसी प्रकार 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व होने के कारण भी चुनाव तिथि पर आपत्ति जताई गई है। दीपावली से पहले आने वाले इस प्रमुख त्योहार पर बाजारों और घरों में विशेष तैयारियां रहती हैं। ऐसे में त्योहार के दिन मतदान होने से मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव कार्य से जुड़े कर्मचारियों के सामने भी व्यवस्थागत चुनौतियां उत्पन्न होने की बात कही गई है।
पूर्व पार्षद मुकेश मिश्रा ने पत्र के माध्यम से सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि त्योहारों की गरिमा, महिला मतदाताओं की सुविधा तथा अधिकतम लोकतांत्रिक भागीदारी को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार किया जाए और दोनों मतदान तिथियों में आवश्यक संशोधन किया जाए।
उल्लेखनीय है कि हनुमानगढ़ जिले की कुछ तहसीलों में पंचायती राज चुनाव तीसरे चरण में प्रस्तावित हैं, जिससे इन क्षेत्रों में चुनाव तिथियां प्रमुख त्योहारों के साथ पड़ रही हैं और इसी कारण तिथियों में बदलाव की मांग जोर पकड़ रही है।