करौली में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के दौरान पेड न्यूज के मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित होने वाली संदिग्ध पेड न्यूज की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पेड न्यूज की पुष्टि होने पर संबंधित समाचार या प्रसारण की लागत अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में शामिल की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के निर्देशानुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) और पृथक मीडिया प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। कमेटी में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मनोनीत जिला स्तर पर पदस्थापित राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं। जिला जनसम्पर्क अधिकारी एवं सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीना को सदस्य सचिव बनाया गया है। कमेटी जिले में संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों की जांच कर नियमानुसार निर्णय करेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मीडिया प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीना हैं। प्रकोष्ठ समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमित निगरानी करेगा और समाचार कतरनों का संधारण करेगा। इसके साथ ही टेलीविजन, केबल, रेडियो, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों, संदिग्ध पेड न्यूज तथा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर भी नजर रखी जाएगी।

किसी समाचार के प्रथम दृष्टया संदिग्ध पेड न्यूज पाए जाने पर मामला जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी द्वारा समाचार को पेड न्यूज माने जाने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस की तामील के 48 घंटे के भीतर अभ्यर्थी को अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज स्वीकार कर लेता है या निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करता है, तो नियमानुसार संबंधित समाचार की लागत उसके निर्वाचन व्यय खाते में जोड़ दी जाएगी। वहीं, अभ्यर्थी द्वारा समाचार को पेड न्यूज मानने से इनकार किए जाने पर मामला दोबारा निर्णय के लिए जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पेड न्यूज की पुष्टि होने पर संबंधित समाचार या प्रसारण की लागत का निर्धारित दरों के आधार पर आकलन किया जाएगा और उसे अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में शामिल किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मामलों में प्रसारण के समय और अवधि के आधार पर लागत निर्धारित होगी।

जिला स्तरीय कमेटी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष 48 घंटे के भीतर अपील की जा सकेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को पेड न्यूज से जुड़े मामलों का निर्धारित प्रारूप में पृथक रजिस्टर संधारित करने तथा राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत चुनाव के दौरान मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित सामग्री की निगरानी के साथ संदिग्ध पेड न्यूज की जांच, अभ्यर्थियों को जवाब का अवसर और निर्वाचन व्यय में लागत जोड़ने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

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