करौली में धर्मकांटों पर विधिक मापविज्ञान विभाग की कार्रवाई, तीन प्रतिष्ठानों पर जुर्माना
करौली में विधिक मापविज्ञान विभाग ने विशेष अभियान के तहत धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं मिलने पर तीन प्रतिष्ठानों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को उपकरणों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
करौली में विधिक मापविज्ञान विभाग ने विभिन्न धर्मकांटों का औचक निरीक्षण कर तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। निर्धारित सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं पाए जाने पर तीनों प्रतिष्ठानों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाकर कंपाउंडिंग की कार्रवाई की गई।
विधिक माप विज्ञान उपभोक्ता मामले विभाग, जयपुर के आदेशानुसार राज्य सरकार के निर्देश पर करौली जिले में 21 अक्टूबर 2026 से 23 अक्टूबर 2026 तक विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत विभिन्न धर्मकांटों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 21 अक्टूबर को जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
विभाग के निरीक्षक ने बताया कि अमनपुरा स्थित जय भवानी धर्मकांटा की जांच के दौरान निर्धारित सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया। इस पर प्रतिष्ठान के खिलाफ 500 रुपये का जुर्माना लगाकर कंपाउंडिंग की कार्रवाई की गई।
इसी तरह मण्डरायल रोड स्थित ताल धर्मकांटा की जांच में भी निर्धारित सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया। इस अनियमितता पर 500 रुपये का जुर्माना लगाकर कंपाउंडिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, खेड़ा स्थित श्री विनायक कम्प्यूटराईज धर्मकांटा के निरीक्षण के दौरान सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं मिलने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया और कंपाउंडिंग की कार्रवाई की गई।
निरीक्षक ने बताया कि जिले के सभी धर्मकांटों और प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे उपकरणों का संबंधित विभाग से सत्यापन करवाएं। निर्देशों की पालना नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का विशेष जांच अभियान 23 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।