छठ महापर्व के दौरान 15 और 16 नवंबर को व्रती नदी घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा संपन्न करेंगे।

कार्तिक महीने में दीपावली के पंचमहापर्व के बाद सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू होता है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विशेष आस्था रखने वाले इस पर्व का श्रद्धालुओं को पूरे साल इंतजार रहता है। चार दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। इस दौरान व्रती कठिन उपवास रखते हुए धार्मिक नियमों का पालन करते हैं और डूबते तथा उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जबकि इसका समापन उषा अर्घ्य के साथ होता है। चार दिनों तक चलने वाली इस पूजा में प्रत्येक दिन का अपना धार्मिक महत्व है। ऐसे में वर्ष 2026 में छठ पूजा की शुरुआत कब होगी और नहाय-खाय, खरना तथा सूर्य को अर्घ्य देने की तिथियां क्या रहेंगी, इसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता है।

पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 14 नवंबर 2026 को रात 11 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 16 नवंबर 2026 को रात 2 बजे होगा। उदया तिथि और पंचांग की गणना के अनुसार छठ पूजा का मुख्य पर्व रविवार, 15 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।

इस दिन व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके अगले दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाएगा, जिसके साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा। सूर्य देव और छठी मैया की उपासना से जुड़े इस पर्व में नहाय-खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक की सभी रस्में श्रद्धा और निर्धारित धार्मिक नियमों के अनुसार पूरी की जाती हैं।