क्या दीपावली पर आप भी घर में लगाते हैं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न?जानिए चरण चिह्न लगाने के जरूरी वास्तु नियम और सही तरीके|
वास्तु के अनुसार दिवाली पर माता लक्ष्मी के चरण चिह्न सही दिशा में लगाने से घर में धन की देवी का आगमन होता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।
माता लक्ष्मी की प्रतिमा और उनके चरण चिह्न का दृश्य, जिन्हें वास्तु नियमों के अनुसार दिवाली पर लगाने की जानकारी दी गई है।
दीपावली का पावन पर्व रोशनी, उल्लास और मां लक्ष्मी के स्वागत का समय होता है। इस खास अवसर पर घरों में कई तरह के विशेष अनुष्ठान और उपाय किए जाते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन की देवी का आगमन हो सके। इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण परंपरा घर में माता लक्ष्मी के चरण चिह्न (Footprints) लगाना है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि सही दिशा और उचित नियमों का पालन करते हुए घर में मां लक्ष्मी के चरण चिह्न लगाए जाएं, तो इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और आय के नए स्रोत खुलने के योग बनते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि माता लक्ष्मी के चरण चिह्न लगाने की सही दिशा और इससे जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम क्या हैं।
किस दिशा और स्थान पर लगाएं माता लक्ष्मी के चरण चिह्न?
वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर में मां लक्ष्मी के आगमन के लिए सही दिशा और जगह का चुनाव करना बेहद आवश्यक है। इसके कुछ प्रमुख नियम नीचे दिए गए हैं:
- घर के अंदर आती हुई दिशा: चरण चिह्न हमेशा इस प्रकार लगाने चाहिए कि ऐसा प्रतीत हो मानो माता लक्ष्मी बाहर से अंदर की ओर प्रवेश कर रही हों। पैरों की उंगलियों की दिशा हमेशा घर के अंदर की तरफ होनी चाहिए।
- मुख्य द्वार: मान्यता है कि माता लक्ष्मी के चरण चिह्न को मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यही वह मुख्य स्थान है जहां से देवी का आगमन होता है।
- तिजोरी या पूजा घर के पास: यदि आप अपने घर के पूजा घर या तिजोरी के पास मां लक्ष्मी के चरण चिह्न लगा रहे हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनका रुख उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए।
किन स्थानों पर भूलकर भी न लगाएं चरण चिह्न?
गलत स्थान पर चरण चिह्न लगाने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, इसलिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- सीधा जमीन पर न लगाएं: अगर आप देवी लक्ष्मी के चरण चिह्न को सीधे जमीन पर चिपकाते हैं, तो ऐसा बिल्कुल न करें। इसकी बजाय चरण चिह्न हमेशा थोड़ा ऊपर या चौखट पर लगाना चाहिए, ताकि किसी का पैर उन पर न पड़े।
- टॉयलेट और बाथरूम के पास: भूलकर भी माता लक्ष्मी के चरण चिह्न बाथरूम या टॉयलेट के आसपास नहीं लगाने चाहिए।
- अंधेरे और गंदे कोने: घर का वह कोना जहां हमेशा अंधेरा रहता हो या जहां कचरा रखा जाता हो, ऐसे स्थानों पर भी चरण चिह्न नहीं लगाने चाहिए।
- आसपास की साफ-सफाई: जिस भी स्थान पर आप माता के चरण चिह्न लगाएं, उसके ठीक पास कूड़ा-कचरा इकट्ठा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा पास में कूड़ेदान या पुराने जूते-चप्पल भी नहीं रखे होने चाहिए।
वास्तु के अन्य जरूरी नियम और सावधानियां
माता लक्ष्मी के चरण चिह्न स्थापित करते समय वास्तु के इन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है:
- जोड़े में लगाएं चिह्न: चरण चिह्न हमेशा जोड़े में ही लगाने चाहिए, कभी भी एक पैर का चिह्न नहीं लगाना चाहिए।
- गंगाजल से शुद्धि: जिस स्थान पर आपको माता के चरण चिह्न लगाने हों, उसे पहले अच्छी तरह साफ कर लें और फिर गंगाजल छिड़ककर उस जगह को पवित्र करें।
- रंगों का विशेष महत्व: वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, माता लक्ष्मी को लाल, गुलाबी या सुनहरा रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए चरण चिह्न भी इन्हीं रंगों के होने चाहिए और भूलकर भी काले या नीले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- सिंदूर से बनाते समय ध्यान रखें: यदि आप दिवाली पर खुद या रंगोली के माध्यम से माता के चरण चिह्न बना रहे हैं, तो दोनों तरफ शुभता के प्रतीक के रूप में स्वास्तिक जरूर बनाना चाहिए।
- स्टीकर हटाने के नियम: यदि आप रेडीमेड स्टीकर वाले चरण चिह्न का उपयोग कर रहे हैं, तो सालभर बाद जब नए स्टीकर लगाएं, तो पुराने स्टीकरों को कचरे में न फेंकें। इन्हें किसी पवित्र पेड़ के नीचे या बहते पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए।
धनतेरस और दिवाली पर चरण चिह्न लगाने के विशेष लाभ
दिवाली और धनतेरस के पावन अवसर पर मुख्य द्वार पर चांदी या मिट्टी के चरण चिह्न लगाना सबसे अधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। इन चरणों के साथ मुख्य द्वार पर ताजे फूलों का तोरण लगाना और दोनों तरफ शुद्ध घी के दीपक जलाना नहीं भूलना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से बढ़ता है।
मान्यता है कि इन नियमों का पालन करते हुए घर में माता लक्ष्मी के चरण चिह्न स्थापित करने से पैसों की तंगी से राहत मिलती है, घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहता है और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव कम होकर सुख-समृद्धि का वास होता है।