तस्वीर में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का पोस्टर और मुस्कुराती हुई छात्रा दिखाई दे रही है।   

श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने वाली श्रम कल्याण छात्रवृत्ति 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है। पात्र छात्र 31 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को उनकी कक्षा और पाठ्यक्रम के आधार पर सालाना 1,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत श्रम कल्याण संगठन की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य देशभर के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले पात्र श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में आर्थिक सहयोग देना है। यह छात्रवृत्ति बीड़ी, सिनेमा तथा निर्दिष्ट खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए उपलब्ध है। आवेदन प्रक्रिया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर जारी है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति फॉर्म भरने से पहले अनिवार्य वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

छात्रवृत्ति की राशि कक्षा और पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित है। कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को सालाना 3,000 रुपये मिलेंगे। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को 6,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। वहीं, बीई, एमबीबीएस और एमबीए सहित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम 25,000 रुपये सालाना की सहायता का प्रावधान है। योजना के तहत पात्रता और सत्यापन संबंधी शर्तें पूरी होने पर छात्रवृत्ति की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना में सहायता राशि 1,000 रुपये से 25,000 रुपये प्रतिवर्ष तक निर्धारित है।

इस छात्रवृत्ति के दायरे में बीड़ी, सिनेमा, लौह अयस्क, मैंगनीज अयस्क, क्रोम अयस्क, चूना पत्थर और डोलोमाइट (LSDM) क्षेत्रों में काम करने वाले पात्र श्रमिकों के बच्चे आते हैं। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को भारत के सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान में कक्षा 11वीं से लेकर स्नातकोत्तर या व्यावसायिक स्तर तक नियमित पाठ्यक्रम में अध्ययनरत होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पिछली अर्हक परीक्षा पहली ही कोशिश में उत्तीर्ण की हो।

आवेदक के माता-पिता में से किसी एक का संबंधित बीड़ी, सिनेमा या खनन क्षेत्र में पात्र श्रमिक के रूप में कम से कम छह महीने की लगातार सेवा में होना आवश्यक है। पात्र ठेका श्रमिक और मैनुअल श्रमिक भी इसमें शामिल हैं। बीड़ी और सिनेमा श्रमिकों के परिवार की मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। खनन क्षेत्र में काम करने वाले मैनुअल, अकुशल और लिपिकीय श्रमिकों के लिए वेतन की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। हालांकि, पर्यवेक्षकीय और प्रबंधकीय श्रेणी के खनन कर्मचारियों को पात्र होने के लिए निर्धारित वेतन सीमा का पालन करना होगा, जिसके अनुसार उनका मासिक वेतन 10,000 रुपये से कम होना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इनमें श्रमिक का पहचान पत्र या लागू खनन श्रमिक पंजीकरण विवरण, छात्र का आधार कार्ड और आवश्यक प्रमाणीकरण संबंधी जानकारी, जहां लागू हो वहां आय प्रमाणपत्र, पिछली अर्हक परीक्षा की अंकतालिका, चालू शैक्षणिक वर्ष की फीस रसीद या बोनाफाइड प्रमाणपत्र तथा छात्र के बैंक खाते का विवरण और आईएफएससी कोड दर्शाने वाली पासबुक की प्रति शामिल है। बैंक खाते को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से राशि प्राप्त करने के लिए योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद निर्धारित NSP आवेदन और प्रमाणीकरण प्रक्रिया के तहत आधार आधारित OTR पंजीकरण पूरा करना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त OTR आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। फिर “Financial Assistance for Education to the Wards of Beedi/Cine/IOMC/LSDM Workers – Post-Matric” नाम की योजना का चयन कर मांगी गई जानकारी भरनी होगी और संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फॉर्म की समीक्षा करने के बाद इसे 31 अक्टूबर 2026 से पहले जमा करना होगा। आवेदन की पावती सुरक्षित रखने और संस्थान के सत्यापन संबंधी निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है, जबकि शिक्षण संस्थानों को जमा किए गए आवेदनों का सत्यापन 15 नवंबर 2026 तक पूरा करना होगा। वहीं, कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की आवेदन प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 को ही बंद हो चुकी है। आवेदकों को फॉर्म अंतिम रूप से जमा करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर योजना की लागू शर्तों और दस्तावेजों से जुड़ी आवश्यकताओं की जांच करनी चाहिए।