डीग में असत्यापित धर्मकांटा मिलने पर कार्रवाई, श्री कामेश्वर आइस फैक्ट्री पर 7 हजार रुपये जुर्माना
डीग में विधिक माप विज्ञान विभाग के आकस्मिक निरीक्षण में श्री कामेश्वर आइस फैक्ट्री का धर्मकांटा असत्यापित मिला। विभाग ने 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया और सत्यापन कराने के लिए फर्म को पाबंद किया। जानें जांच अभियान का उद्देश्य।
डीग में विधिक माप विज्ञान विभाग ने आकस्मिक जांच अभियान के तहत धर्मकांटों का निरीक्षण किया। इस दौरान श्री कामेश्वर आइस फैक्ट्री में लगा धर्मकांटा असत्यापित मिलने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया और कांटे का सत्यापन कराने के लिए फर्म को पाबंद किया।
डीग, 21 अक्टूबर। उपभोक्ता मामले विभाग जयपुर के निर्देशानुसार विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा आकस्मिक जांच अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने सुमन कमल फर्म, श्री कामेश्वर आइस फैक्ट्री, श्री श्याम धर्मकांटा सहित अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों की पालना की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान श्री कामेश्वर आइस फैक्ट्री में मौजूद धर्मकांटा असत्यापित पाया गया। इस पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित फर्म पर 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही धर्मकांटे का सत्यापन कराने के लिए फर्म को पाबंद किया गया।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी समीक्षा भटनागर ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और विधिक माप विज्ञान से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का यह अभियान धर्मकांटों के सत्यापन और विधिक माप विज्ञान संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितता के मामले में जुर्माना लगाने के साथ ही संबंधित फर्म को धर्मकांटे का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।