तस्वीर में उदयपुर के सत्संग भवन में आयोजित निरंकारी महिला संत समागम के दौरान मंच पर गीत प्रस्तुत करती महिलाएं नजर आ रही हैं।

बड़ी सादड़ी से 40 निरंकारी श्रद्धालुओं ने रविवार को चित्रकूट नगर, उदयपुर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित संयोजक स्तरीय महिला संत समागम में सहभागिता की। संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस समागम में भीलवाड़ा-उदयपुर जोन की विभिन्न शाखाओं से आईं महिलाओं ने गीत, कविता और विचारों के माध्यम से सतगुरु का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

निरंकारी मिशन के मीडिया सहायक राधेश्याम रेगर ने जानकारी देते हुए बताया कि समागम की अध्यक्षता भीलवाड़ा की महिला सत्संग इंचार्ज बहन रुक्मणी जी ने की। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में बहन रुक्मणी जी ने कहा कि ईश्वर की पहचान केवल ईश्वर ही करा सकता है और इसके लिए पूर्ण सतगुरु का सहारा आवश्यक है। सतगुरु ही निराकार परमात्मा का साकार रूप होता है।

उन्होंने कहा कि जब सतगुरु के माध्यम से परमात्मा का बोध होता है, तब हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई, ऊंच-नीच तथा छोटे-बड़े जैसे सभी भेदभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं और मानव मात्र के प्रति प्रेम का भाव उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि जब यह आध्यात्मिक ज्ञान घर की महिलाओं तक पहुंचता है, तब वे अपने परिवार को भी स्वर्ग समान बना देती हैं। इसी कारण निरंकारी मिशन का प्रत्येक अनुयायी आनंद और खुशियों के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।

बहन रुक्मणी जी ने कहा कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्म ज्ञान देकर सत्संग, सेवा और सिमरन से जोड़कर हमारा यह लोक और परलोक दोनों सुहेला कर रहे हैं।

उदयपुर शाखा की महिला सत्संग इंचार्ज रेनू निमावत ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि समागम में आसपास के क्षेत्रों से पधारी बहनों ने गीत, कविता एवं विचारों के माध्यम से सतगुरु का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। भीलवाड़ा-उदयपुर जोन की बांकावास, कवेल, बड़ीसादड़ी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ सहित विभिन्न शाखाओं की महिलाओं ने सैकड़ों की संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

समागम के दौरान नन्हे बाल संतों ने आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया और ज्ञानवर्धक नाटिका प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त हिंदी, पंजाबी, सिंधी एवं मारवाड़ी भजनों की भी सराहनीय प्रस्तुतियां दी गईं।

कार्यक्रम के अंत में उदयपुर ब्रांच के मुखी जीत सिंह जी ने उपस्थित विशाल संगत का आभार व्यक्त करते हुए सभी का उत्साहवर्धन किया। समागम में सैकड़ों श्रद्धालु भाई-बहनों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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