गिरनार भाव यात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, नेम प्रभु की भक्ति में डूबे श्रद्धालु
निम्बाहेड़ा में गिरनार नेम भाव यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। मिहिरभाई की भावपूर्ण प्रस्तुति, नेम प्रभु के जीवन प्रसंग और गिरनार तीर्थ की महिमा ने तपस्वियों सहित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
तस्वीर में निम्बाहेड़ा में आयोजित गिरनार नेम भाव यात्रा के दौरान पंडाल में बैठे हुए श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह नजर आ रहा है।
निम्बाहेड़ा। वर्धमान तपोत्सव चातुर्मास समिति, निम्बाहेड़ा के तत्वावधान में आयोजित गिरनार नेम भाव यात्रा में मंगलवार शाम 7:30 बजे श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नेम प्रभु की भक्ति से सराबोर वातावरण में आयोजित इस भाव यात्रा ने आध्यात्मिक उल्लास, भक्ति और आस्था का संगम प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में तपस्वियों सहित श्रद्धालु इसमें शामिल हुए और गिरनार तीर्थ की महिमा के भावपूर्ण वर्णन से भावविभोर नजर आए।
भाव यात्रा के दौरान तपस्या की आराधना कर रहे तपस्वियों ने गिरनार की भाव यात्रा का श्रवण एवं दर्शन किया। भावपूर्ण प्रसंगों और तीर्थ की महिमा के वर्णन ने ऐसा वातावरण बनाया कि तप करते-करते ही मन और मस्तिष्क गिरनार की पावन भूमि तक पहुंचने का अनुभव होने लगा। गिरनार के तीर्थों और धार्मिक प्रसंगों के जीवंत चित्रण से श्रद्धालुओं को घर बैठे ही गिरनार यात्रा का साक्षात् संस्मरण हुआ।
कार्यक्रम में मिहिरभाई ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से गिरनार की कल्याणक भूमि पर बसे जैन तीर्थों का परिचय कराया। मधुर संगीत धुनों के साथ उन्होंने गिरनार के प्रमुख पड़ावों, मंदिरों एवं तीर्थों की जानकारी देते हुए उनके धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को सरल एवं रोचक शैली में प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान ऐसा माहौल बना कि श्रद्धालुओं को गिरनार के शिखरों, मंदिरों और तीर्थ स्थलों का मानो आंखों के सामने दर्शन होने लगा।
भाव यात्रा में भगवान श्री नेमिनाथ प्रभु के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों, उनकी पौराणिकता तथा गिरनार तीर्थ की शाश्वत महिमा से जुड़ी सच्ची घटनाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। तीर्थ यात्रा के प्रमुख पड़ावों, मंदिरों और उनके जीवन में धार्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया। मध्यम संगीत की मनमोहक धुनों और भावपूर्ण वाणी के साथ प्रस्तुत इन प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति और भाव की गहराइयों तक पहुंचा दिया।
भाव यात्रा के समापन पर गिरनार यात्रा मंडल, बड़ौदा की ओर से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रभावना स्वरूप नवकार मंत्र की पुस्तक भेंट की गई। श्रद्धालुओं ने भाव यात्रा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे नेम प्रभु और गिरनार तीर्थ की महिमा को हृदय तक पहुंचाने वाला अद्भुत आयोजन बताया।
आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, तपस्वियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का वर्धमान तपोत्सव चातुर्मास समिति, निम्बाहेड़ा की ओर से आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं द्वारा उत्साहपूर्वक किए गए “जय जय नेमिनाथ, जय जय गिरनार” के जयघोष के साथ हुआ। जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालुओं के मन में गिरनार यात्रा की अविस्मरणीय छाप अंकित हो गई।