तस्वीर में सांवलियाजी में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर निकाली जा रही भव्य राम रेवाड़ी और उसमें शामिल श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है।   

निम्बाहेडा। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को सांवलियाजी धाम में भगवान सांवलिया सेठ की भव्य राम रेवाड़ी निकाली गई। चांदी के भव्य रथ में विराजित सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। राम रेवाड़ी के नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत हुआ। ‘जय सांवलिया सेठ’ और ‘सांवरिया सेठ की जय’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।

भगवान सांवलिया सेठ के वार्षिक जलझूलनी एकादशी मेले के तहत निकली राम रेवाड़ी सांवरिया सरोवर की ओर बढ़ी। हजारों श्रद्धालु हाथों में ध्वज, पुष्प और पूजा सामग्री लेकर भगवान के दर्शन एवं स्वागत के लिए मार्गों पर कतारबद्ध दिखाई दिए। रेवाड़ी के आगे श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जबकि पीछे भक्तों का विशाल समूह दर्शन के लिए उमड़ता रहा।



राम रेवाड़ी में भगवान सांवलिया सेठ को आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाए गए चांदी के रथ में विराजित किया गया। रेवाड़ी के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ने के दौरान श्रद्धालुओं में दर्शन के लिए उत्साह दिखाई दिया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने रेवाड़ी का स्वागत किया और भगवान पर पुष्पवर्षा कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

राम रेवाड़ी के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गईं। रेवाड़ी के पहुंचते ही लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान सांवलिया सेठ का अभिनंदन किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और भक्ति भाव के साथ भगवान के दर्शन किए। रेवाड़ी के मार्ग में भक्ति गीतों, जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच वातावरण भक्तिमय रहा। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।

जलझूलनी एकादशी के अवसर पर राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु सांवलियाजी पहुंचे। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण पूरा सांवलियाजी क्षेत्र आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन एवं मंदिर मंडल की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हो रहा है।

जलझूलनी एकादशी का यह आयोजन सांवलियाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की झलक प्रस्तुत करता है। राम रेवाड़ी में उमड़ा जनसैलाब भगवान सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता रहा। सांवलियाजी की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक ‘जय सांवलिया सेठ’ के जयकारे गूंजते रहे।

इस अवसर पर मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश धाकड़, मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Tags: