चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में स्पिक मैके के तहत मोहिनीअट्टम की प्रस्तुति
नृत्यांगना जुनी मेनन ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों, हस्तमुद्राओं, भाव-भंगिमाओं और सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया।
चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर नृत्यांगना और विद्यार्थी हस्तमुद्राएं प्रदर्शित करते हुए।
चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल में स्पिक मैके के तत्वावधान में विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय कला एवं संस्कृति से परिचित कराने के उद्देश्य से मोहिनीअट्टम की विशेष प्रदर्शनात्मक प्रस्तुति आयोजित की गई। स्कूल के शंकर मेनन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं शास्त्रीय नृत्य कलाकार जुनी मेनन ने विद्यार्थियों के समक्ष मनमोहक प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्कूल कैंपस की प्रथम महिला मोनिका जसरोटिया रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। स्कूल की उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल, सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं संयोजक सी एल भंडारकर ने अतिथियों का स्वागत किया।
जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि कलाकार जुनी मेनन ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपराओं से परिचित कराया। उन्होंने नृत्य की विभिन्न हस्तमुद्राओं, भाव-भंगिमाओं, पद संचालन, लय, ताल एवं अभिनय का सुंदर एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति में नृत्य, संगीत, भाव और कथा-अभिव्यक्ति का मनोहारी समन्वय देखने को मिला। मोहिनीअट्टम की कोमल, लयात्मक और भावप्रधान शैली ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
सुश्री जुनी मेनन ने विभिन्न मुद्राओं और भावों का प्रदर्शन करते हुए समझाया कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें कथा, आध्यात्मिकता, संगीत, अभिनय और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का गहरा समावेश होता है।
कार्यक्रम के दौरान जुनी मेनन ने विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों तथा इसके अभ्यास में आवश्यक अनुशासन, एकाग्रता, धैर्य और समर्पण के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और कलाकार से नृत्य की विभिन्न शैलियों एवं उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
स्पिक मैके द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना तथा देश की समृद्ध विरासत के प्रति उनमें जागरूकता और सम्मान की भावना विकसित करना है। सैनिक स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। मेनन की आकर्षक प्रस्तुति के दौरान शंकर मेनन सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।