तस्वीर में चित्तौड़गढ़ की सड़क पर गुलाल उड़ाते श्रद्धालुओं के बीच बेवाण शोभायात्रा दिखाई दे रही है।

चित्तौड़गढ़। जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर मंगलवार को चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों स्थित लगभग दो दर्जन मंदिरों से राम रेवाड़ियों की शोभायात्रा निकाली गई। बैंड की मधुर धुनों, भजनानंदी स्वर लहरियों और जयकारों के बीच अलग-अलग मंदिरों से बेवाण निर्धारित समय पर रवाना हुए।

शोभायात्रा के दौरान भक्तगण अबीर-गुलाल खेलते और जयकारे लगाते हुए गंभीरी नदी के पश्चिमी तट पहुंचे। यहां बेवाण में विराजित भगवान के बाल विग्रह को जल में झुलाया गया। इसके बाद आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।

गंभीरी नदी के तट पर इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बेवाण में विराजित देव प्रतिमाओं के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे नदी तट का दृश्य देखने योग्य रहा। जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ नगर परिषद की ओर से नदी तट पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।

नदी तट पर पूजा-अर्चना के बाद सभी बेवाण अपने-अपने मंदिरों के लिए रवाना हुए। राम रेवाड़ियों के जुलूस के दौरान विभिन्न समाजों, व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से बड़े-बड़े काउंटर लगाए गए। इन काउंटरों पर अल्पाहार, मिल्क रोज, फल और प्रसाद का वितरण किया गया, वहीं श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गई।

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