जयपुर में ACS अखिल अरोड़ा को शिक्षकों की लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपते संगठन के प्रतिनिधिमंडल की तस्वीर।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सीएमओ अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर शिक्षकों की लंबित वित्तीय मांगों और विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। दीपावली से पहले हुई इस सचिव स्तरीय वार्ता में वेतन भुगतान, स्थानांतरण, वेतन विसंगतियों और संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे रखे गए।

संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने वार्ता के दौरान बताया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) राज्य के शिक्षकों का बड़ा संगठन है, जो 3 लाख शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए चिंतन-मंथन करता है तथा नवाचार और नवोन्मेष के लिए सदैव तत्पर रहता है।

वार्ता में शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा संवर्ग में स्टाफिंग पैटर्न के तहत पदों की स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजी गई पत्रावली का अनुमोदन कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही 31 दिसंबर के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश सहित प्रथम नियुक्ति तिथि से न्यायालय के निर्णयानुसार समस्त परिलाभ देने, वेतन व्यवस्था वाले शिक्षकों को शहरी मकान किराया भत्ता देने के मामले में वसूली रोकने तथा सेवारत शिक्षकों को बीएड के दौरान इंटर्नशिप अवधि का पूर्ण वेतन देने की मांग की गई। संगठन ने इस संबंध में वसूली के आदेश वापस लेने और शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग भी रखी।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि संगठन ने अतिरिक्त मुख्य सचिव के समक्ष विभिन्न वित्तीय मांगों और समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का मुद्दा उठाया। समग्र शिक्षा के तहत परिषद मुख्यालय, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मामला भी प्रमुखता से रखा गया। संगठन ने SNA SPARSH खाते से पीडी खाते में राशि हस्तांतरित कर वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू करने के लिए वित्त विभाग से तत्काल स्वीकृति दिलाने तथा दीपावली से पहले पिछले 4 माह का बकाया वेतन जारी कराने की मांग की।

इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में पोषाहार कुक-कम-हेल्पर का लंबित मानदेय, कन्वर्जन राशि तथा दूध और चीनी की राशि तत्काल जारी कराने की मांग भी की गई।

पुष्करणा ने बताया कि वार्ता में टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत तृतीय श्रेणी और द्वितीय श्रेणी शिक्षकों का समायोजन नॉन टीएसपी क्षेत्र में करने तथा नॉन टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जिलों में स्थानांतरित करने की मांग रखी गई। शिक्षकों से की जा रही विभिन्न प्रकार की वसूलियां रोकने और पे-प्रोटेक्शन देने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबंधकों की वेतन विसंगतियां दूर करने तथा 33000 संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की भांति नियमित करने की प्रक्रिया अतिशीघ्र शुरू कराने का मुद्दा भी उठाया गया।

प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि संगठन की सचिव स्तरीय वार्ता सफल रही। अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा ने शिक्षकों की मांगों और संगठन की ओर से दिए गए सुझावों पर सकारात्मक मत रखा तथा वित्तीय मांगों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, महामंत्री महेंद्र लखारा, संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल उपस्थित रहे। संगठन ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान और वित्तीय मांगों पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को प्रशासन के समक्ष रखा।

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