चित्तौड़गढ़ में एनएसयूआई का हल्ला बोल: छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
चित्तौड़गढ़ के महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन। राज्य सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों छात्र कर रहे चुनाव बहाली की मांग।
चित्तौड़गढ़ के महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते एनएसयूआई कार्यकर्ता।
चित्तौड़गढ़ में सोमवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ व पूर्व राष्ट्रीय सचिव हुसैन सुल्तानिया के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव की तिथि शीघ्र घोषित करने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन के पश्चात कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं कुलपति के नाम एक ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अविलंब चुनाव की तारीखें तय कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की पुरजोर मांग की गई।
इस अवसर पर छात्र प्रतिनिधि अंकुश आदिवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनाव न कराना युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे एनएसयूआई कतई स्वीकार नहीं करेगी। आदिवाल ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई, तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में उग्र एवं चरणबद्ध आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में इरफान खान, कुलदीप सालवी, विशाल खटीक, चेतन वैष्णव, भरत ओढ, सोनू नायक, करण बंजारा, अनिल बुनकर, रोहित ओढ, दीपक शर्मा, आकाश खटीक, अभिषेक धाकड़, राजेश रेगर, सुजल पटवा, खुशी राम और हिमांशु राजपूत सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।