निंबाहेड़ा के जावदा गांव में नेत्रदान प्रक्रिया के समय उपस्थित ग्रामीण और लायंस क्लब सदस्य।

निंबाहेड़ा के ग्रामीण अंचल में धाकड़ समाज ने नेत्रदान के माध्यम से मानवता और सामाजिक संवेदना की मिसाल पेश की है। निंबाहेड़ा से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम जावदा में दिवंगत भेरूलाल जी धाकड़ के नेत्रदान कराए गए। इसे धाकड़ समाज का पहला नेत्रदान बताया गया है।

दिवंगत भेरूलाल जी धाकड़ के निधन के बाद उनके पौत्र और निंबाहेड़ा के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनिल धाकड़ ने नेत्रदान का संकल्प लेकर इस पुनीत कार्य की पहल की। उनके इस निर्णय का उद्देश्य नेत्रदान के माध्यम से दूसरों के जीवन में रोशनी पहुंचाना रहा। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत लायंस क्लब निम्बाहेड़ा गोल्ड के सहयोग से नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

क्लब के आई डोनेशन चेयरमैन लायन डॉ. हरिओम तुरकिया ने बताया कि चालू सत्र में यह चौथा नेत्रदान है, जबकि क्लब की ओर से अब तक कुल 33 नेत्रदान कराए जा चुके हैं। गोमाबाई नेत्रालय, नीमच के कमलाशंकर नागदा ने दिवंगत भेरूलाल जी धाकड़ के नेत्र प्राप्त किए और उन्हें प्रत्यारोपण के लिए सुपुर्द किया।

इस नेत्रदान कार्यक्रम में लायन राजेंद्र जारौली एवं लायंस क्लब नीमच सेंट्रल का सहयोग रहा। इस अवसर पर जोन चेयरमैन लायन विक्रमादित्य खेरोदिया, लायन इंद्रकुमार जीवनानी, लायन दिलीप सोनी, लायन मोहसिन अहमद, लायन मनोहर वासवानी और लायन कैलाश लड्ढा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत भेरूलाल जी धाकड़ को श्रद्धांजलि अर्पित की और धाकड़ परिवार के इस अनुकरणीय निर्णय की सराहना की। परिवार की इस पहल ने समाज में नेत्रदान के महत्व का संदेश दिया। धाकड़ समाज के पहले नेत्रदान के रूप में दर्ज हुई यह पहल इस बात का उदाहरण बनी कि मृत्यु के बाद भी नेत्रदान के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति की दुनिया में उजाला लाया जा सकता है।

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