तस्वीर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिसकर्मी प्रशंसा पत्र थामे खड़े नजर आ रहे हैं और उनके पीछे अधिकारी खड़े हैं।

निम्बाहेड़ा। जिला पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम और गंभीर वारदातों के त्वरित खुलासे के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत जिला विशेष टीम (चोरी निरोधक टीम) और साइबर सेल ने दो महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा किया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर करीब 75 लाख रुपये मूल्य के न्यू डंपर की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर चोरी का डंपर बरामद किया। वहीं, वृद्ध महिला से चांदी के आभूषण लूटने वाली अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में गैंग की ओर से राजस्थान और मध्यप्रदेश में 30 से अधिक वारदातों को अंजाम देना सामने आया।

दोनों मामलों में पुलिस टीम के उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने जिला विशेष टीम (चोरी निरोधक टीम) और साइबर सेल के पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर और संगठित अपराधों के खुलासे में आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया। पुलिसकर्मियों की लगातार मेहनत, सतर्कता और टीम भावना के परिणामस्वरूप दोनों मामलों में महत्वपूर्ण सफलता मिली। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रकार पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

राशमी थाना क्षेत्र के पहुना स्थित नायरा पेट्रोल पंप के बाहर से करीब 75 लाख रुपये कीमत का न्यू डंपर डुप्लीकेट चाबी लगाकर चोरी करने के मामले में जिला विशेष टीम और राशमी थाना पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए व्यापक कार्रवाई की। पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर नीमच, मंदसौर, जावरा, गोधरा और आनंद (गुजरात) तक 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का गहन विश्लेषण किया।

तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद लगातार निगरानी और रेकी की गई। करीब 10 दिनों तक लगातार पीछा करने के बाद चोरी किया गया डंपर आनंद, गुजरात के पास एक गोदाम के बाहर लावारिस हालत में बरामद किया गया।

अनुसंधान के दौरान सामने आया कि गिरोह राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात सहित विभिन्न स्थानों से डंपर चोरी कर उनकी खरीद-फरोख्त करता था। मामले में चोरी और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल आरोपियों को नामजद किया गया है। प्रकरण में अनुसंधान जारी है और अन्य वारदातों तथा आरोपियों के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है।

दूसरे मामले में थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के आछोड़ा गांव में 13 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि वृद्ध दंपती के घर में घुसकर वृद्ध महिला के हाथों और पैरों में पहने चांदी के आभूषण लूटने की वारदात का जिला विशेष टीम और थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ पुलिस ने खुलासा किया।

तकनीकी साक्ष्य, विभिन्न थाना क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर अंतरराज्यीय गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में महिलाओं के आभूषण लूटने तथा मंदिरों से सोने-चांदी के छत्र, प्रतिमाएं, आभूषण और दानपात्र से नकदी चोरी करने सहित 30 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।

गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी, लूट और मंदिरों में चोरी सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई जारी है।

सम्मानित पुलिस टीम में साइबर सेल से राजकुमार, एएसआई शामिल हैं। जिला विशेष टीम (चोरी निरोधक टीम) में प्रभारी रामावतार, सुनील कुमार, दुर्गेश, हेमराज, पदम कुमार, राकेश, मनीष नायक, साहिल गुर्जर, पुरखाराम और मुकेश कुमार शामिल हैं। दोनों बड़ी वारदातों के खुलासे में टीमों की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और सूचना तंत्र के इस्तेमाल से पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली।

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