तस्वीर में तीन पुलिसकर्मी एक बरामद किए गए सफेद रंग के डंपर के सामने खड़े नजर आ रहे हैं।

चित्तौड़गढ़। जिला स्पेशल टीम एवं राशमी थाना पुलिस ने 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का गहन विश्लेषण कर अंतरराज्यीय डंपर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राशमी के पहुना से चोरी हुआ करीब 75 लाख रुपए मूल्य का नया डंपर बरामद किया है। चोरी और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल गिरोह के दो आरोपियों को नामजद किया गया है। मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी अनुसंधान से सामने आया कि गुजरात निवासी नियाज़ खान ने अपने दो साथियों के साथ चित्तौड़गढ़, राजसमंद, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से कई डंपर चोरी किए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को दौलत पूर, भीलवाड़ा निवासी प्रार्थी कैलाश चंद्र गुर्जर ने रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 14 सितंबर की मध्यरात्रि में पहुना स्थित नायरा पेट्रोल पंप के बाहर खड़ा 75 लाख रुपए कीमत का नया डंपर कुछ अज्ञात व्यक्ति डुप्लीकेट चाबी बनाकर और पांच मिनट में जीपीएस हैक कर चोरी कर ले गए। आसपास काफी तलाश की गई, लेकिन डंपर का कोई पता नहीं चला।

प्रकरण थाना राशमी में दर्ज कर अनुसंधान एएसआई धूडाराम ने शुरू किया। पहुना, राशमी से नया डंपर चोरी होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी गंगरार उदयसिंह के निर्देशानुसार थानाधिकारी गेहरीलाल गुर्जर के नेतृत्व में थाना हाजा एवं जिला स्पेशल टीम की विशेष टीम गठित की गई।

चोरी की वारदात का खुलासा करने के लिए गठित टीम ने नायरा पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज से लेकर घटना स्थल, नीमच, मंदसौर, जावरा, गोदरा और आनंद, गुजरात तक 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग प्राप्त की। टीम ने इन फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्य एवं ह्यूमन इंटेलीजेंस का उपयोग करते हुए पुलिस ने चोरी की वारदात के बाद अपने अन्य साथियों को बुलाने वाले तथा चोरी किए गए डंपर को जावरा, मध्यप्रदेश से लेने वाले सहित अन्य साथियों को नामजद किया और उनका लगातार पीछा किया।

टीम लगातार 10 दिन तक सीसीटीवी फुटेज और नामजद आरोपियों की रेकी कर उनके पीछे लगी रही। इलाका मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण टीम के साथी भी मुस्लिम ड्रेस और सिर पर टोपी लगाकर रेकी करते हुए पीछे लगे रहे। पुलिस की लगातार निगरानी के चलते आरोपी डंपर को आनंद, गुजरात के पास एक गोदाम के बाहर छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों को नामजद किया गया है।

अनुसंधान के दौरान एवं सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से सामने आया कि नियाज़ और उसके अन्य साथियों ने अलग-अलग जिलों एवं राज्यों से इसी तरह डंपर चोरी की अन्य वारदातें भी की हैं। चोरी किए गए वाहनों को उनके दूसरे साथियों द्वारा छोटा उदयपुर, गुजरात और आनंद में बेचना पाया गया। प्रकरण का अनुसंधान जारी है।

कार्रवाई करने वाली टीम में पुलिस थाना राशमी के थानाधिकारी गेहरीलाल गुर्जर, एएसआई धूडाराम, राजकुमार, कांस्टेबल अर्जुन, मनोज, सुभाष, जिला विशेष टीम के प्रभारी रामावतार, सुनील कुमार, दुर्गेश, हेमराज, पदम कुमार, राकेश, मनीष कुमार, साहिल गुर्जर और पुरखाराम का सहयोग रहा।

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