कांकरावा में बाबा रामदेव जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा, सर्वसमाज जुड़ा
भादवी बीज के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, राम रसोड़े का समापन और विशाल भजन संध्या के साथ निकाली गई शोभायात्रा।
तस्वीर में कांकरावा गांव की सड़क पर शोभायात्रा के दौरान एकत्रित ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
कांकरवा में रविवार, 13 सितंबर को लोकदेवता बाबा रामदेव जी महाराज के जन्मोत्सव एवं भादवी बीज के अवसर पर धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संगम देखने को मिला। गांव में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बाबा रामदेव जी के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
बस स्टैंड स्थित राम रसोड़े का 15 दिनों तक संचालन होने के बाद रविवार को हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ भव्य समापन किया गया। इसके बाद सर्वसमाज की ओर से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा बस स्टैंड से रवाना होकर राजपूत मोहल्ला, गणेश चौक, खोड़ा जी बावजी चौक और रावला चौक होते हुए बाबा रामदेव मंदिर एवं गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
वहीं, रेगर समाज की ओर से रेगर मोहल्ला स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर से भी शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा रेगर मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, यादव मोहल्ला, खोड़ा जी बावजी चौक और रावला चौक होते हुए वापस मंदिर पहुंची। यहां महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
खोड़ा जी बावजी चौक पर दोनों शोभायात्राओं के एक साथ पहुंचने से आकर्षक और उत्साहपूर्ण दृश्य बना। बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी से चौक पर मेले जैसा माहौल नजर आया। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव जी को धूप-प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद लिया। युवाओं ने पूरे गांव में नुक्ती और केले का प्रसाद वितरित किया।
कार्यक्रम से एक दिन पूर्व शनिवार रात्रि को भी धार्मिक आयोजन हुए। रेगर मोहल्ला स्थित बाबा रामदेव जी मंदिर में विशाल भजन संध्या के साथ ध्वज/निशान चढ़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बस स्टैंड स्थित राम रसोड़े पर भी भजन संध्या हुई, जिसमें ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों का आनंद लिया।
आयोजन के दौरान ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह पानी, पुष्प और प्रसाद की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। धार्मिक आयोजनों में सर्वसमाज की भागीदारी से गांव में आपसी भाईचारे और एकजुटता का संदेश भी देखने को मिला। आशीष जाटोलिया ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन गांव में एकता, भक्ति, सेवा और धार्मिक भावना को मजबूत करते हैं।