नदी में भगवान को झुलाने उतरे दो युवकों की डूबने से मौत, गांव में पसरा मातम
हरिया खेड़ी में जलझूलनी एकादशी के दौरान नदी में डूबने से 17 वर्षीय दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए।
तस्वीर में अस्पताल के वार्ड में बेड पर लेटे शव दिखाई दे रहे हैं।
मंगलवाड़ थाना क्षेत्र के हरिया खेड़ी गांव में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर राम रेवाड़ी के दौरान नदी में डूबने से दो 17 वर्षीय युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई।
जानकारी के अनुसार, आज शाम करीब 4 बजे हरिया खेड़ी गांव में जलझूलनी एकादशी के अवसर पर राम रेवाड़ी निकाली गई थी। इसके बाद ग्रामीण भगवान को झुलाने के लिए पास की नदी पर गए थे। इसी दौरान गणपत सिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत, उम्र 17 वर्ष और राजेश पुत्र लक्ष्मी लाल मेनारिया, उम्र 17 वर्ष, भगवान को झुलाने के लिए नदी में उतरे।
दोनों नदी में करीब 500 मीटर दूर तक गहरे पानी में चले गए। इसी दौरान एक-दूसरे को डूबता देखकर दोनों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई में डूबने से दोनों की मृत्यु हो गई।
घटना के दौरान पास खड़े एक युवक ने लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर मंगलवाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंगलवाड़ लाया गया। यहां डॉक्टर ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए।
हादसे की खबर फैलते ही पूरे हरिया खेड़ी गांव में शोक की लहर छा गई और जलझूलनी एकादशी के आयोजन का माहौल मातम में बदल गया।