चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला क्षेत्र स्थित बड़वाई संरक्षित वेटलैंड पर अवैध निर्माण को हटाने के लिए वन विभाग द्वारा चस्पा किया गया आधिकारिक नोटिस।

डूंगला क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़वाई में राज्य सरकार द्वारा घोषित संरक्षित वेटलैण्ड क्षेत्र (नम भूमि तालाब) पर अवैध निर्माण के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार समझाइश देने और निर्माण कार्य रुकवाने के बावजूद दोबारा निर्माण किए जाने पर विभाग ने संबंधित निर्माणकर्ताओं को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो उसे ध्वस्त कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय क्षेत्रीय वन अधिकारी, रेंज निम्बाहेड़ा के अनुसार, बड़वाई ग्राम पंचायत का तालाब क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से वेटलैण्ड घोषित है। इस संरक्षित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का पक्का या कच्चा निर्माण करना अवैध है। स्थानीय नागरिकों और पक्षी संरक्षण टीम की शिकायतों के बाद मामला सामने आया था।

वन विभाग ने पहली कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 को की थी। उस दिन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण रुकवाया और संबंधित लोगों को समझाइश दी थी। इस दौरान निर्माण नहीं करने पर सहमति भी बनी थी। इसके बावजूद 3 अक्टूबर 2026 को दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया।

सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी सुनील कुमार यादव और मंगलवाड़ नाका स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य बंद करवाया। साथ ही, बिना अनुमति किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त भी किया गया। इस दौरान मौके से ही उपखण्ड अधिकारी डूंगला और तहसीलदार डूंगला से फोन पर चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि संरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दिन में निर्माण कार्य रुकवाने के बावजूद रात के अंधेरे में चोरी-छिपे निर्माण जारी रहने पर वन विभाग ने बुधवार, 14 अक्टूबर को अगला कदम उठाया। विभाग ने मौके पर आधिकारिक नोटिस चस्पा कर संबंधित निर्माणकर्ताओं को तीन दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि समयसीमा में कब्जा नहीं हटाने पर विभाग स्वयं निर्माण ध्वस्त करेगा और सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।

बड़वाई के संरक्षित वेटलैण्ड क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर वन विभाग की कार्रवाई अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। नोटिस जारी होने के बाद निर्धारित तीन दिन की अवधि में निर्माणकर्ता स्वयं अवैध निर्माण हटाते हैं या विभाग ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है, इस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

Tags: