बड़ी सादड़ी में आयोजित मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी कन्या पूजन समारोह में उपस्थित महिलाएं व बालिकाएं।   

बड़ी सादड़ी में नवरात्रि पर्व के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय दुर्गा वाहिनी शाखा की ओर से मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का कन्या पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ता लता पंड्या ने भारतीय संस्कृति को जीवित रखने के लिए बच्चों को सनातन संस्कार देने, बेटियों और बेटों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कारित बनाने तथा संयुक्त परिवार प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया।

लता पंड्या ने कहा कि माता-पिता अपनी संतानों को सनातन संस्कार देंगे, तभी भारतीय संस्कृति को जीवित रखा जा सकेगा और कन्या पूजन सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि हमारी जेन जी वे हैं, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा स्वीकार किया। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और रानी पद्मिनी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वीरांगनाओं ने अंग्रेजों को धूल चटाई और जीते-जी अपनी अस्मिता को मुगलों के हाथों छूने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मरने के बाद भी अपनी राख को अपवित्र नहीं होने देने के लिए जौहर किया गया। पंड्या ने कहा कि जेन जी के नाम पर देश विरोधी षड्यंत्र रचे जा रहे हैं और अराजकता फैलाई जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

पंड्या ने देशभर में चल रहे विभिन्न प्रकार के जिहाद से सावधान रहने का आह्वान किया। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी संस्कारित बनाएं। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों के पहनावे और बेटों के देर रात तक घर से बाहर रहने पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही, बच्चों को उच्च और बेहतर शिक्षा दिलाने, प्रतिदिन भगवान के दर्शन करने तथा बड़ों का आदर करना सिखाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए संयुक्त परिवार प्रणाली को सबसे मजबूत स्तंभ बताया। पंड्या ने कहा कि संयुक्त परिवार में बच्चों पर परिवार के अनेक सदस्यों की नजर रहती है, जबकि आज माता-पिता दोनों के नौकरी पर जाने के कारण घर में रह रहे बच्चों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ‘हम दो, हमारे दो’ और ‘शेर का बच्चा एक ही अच्छा’ जैसी सोच ने मामा, मौसी, बुआ और काका जैसे रिश्तों को ही खत्म कर दिया है।

समारोह के दौरान राजपूत समाज की युवा महिलाओं ने नौ बालिकाओं को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के रूप में सजाया। इसके बाद बालिकाओं के चरण धोकर उनकी पूजा की गई और शस्त्र पूजन भी कराया गया।

विश्व हिंदू परिषद की बड़ी सादड़ी खंड महिला प्रमुख अमिता मेहता ने कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर गरिमा नागोरी, बोहेड़ा महिला प्रमुख टीना पोरवाल, कामिनी माहेश्वरी, रोहित वैष्णव, पदमा सेन, तनुजा आमेटा, इंदिरा भाटी, पार्षद हेमलता डांगी, दीपिका चौधरी, विनीता मूणत, ज्योति पालीवाल और बजरंग दल प्रखंड अध्यक्ष टीनू धींग सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में कन्या पूजन के साथ बच्चों में संस्कार, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर विचार रखे गए।

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